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सियासी गलियारों में चर्चा हुई तेज, भाजपा का साथ दे सकते हैं रामवीर उपाध्याय, जाने वजह

Tue, 02 Apr 2019 06:11 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
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नेता रामवीर उपाध्याय
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बसपा के कद्दावर नेता पूर्व ऊर्जा मंत्री रहे रामवीर उपाध्याय को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हैं कि वह भाजपा के साथ खड़े हो सकते हैं। ये चर्चाएं अलीगढ़ में एक कार्यक्रम में भाजपा प्रत्याशी सतीश गौतम के पक्ष में उनके बोलने के बाद तेज हुई हैं। हालांकि रामवीर ने कहा कि वह ब्राह्मण समाज के कार्यक्रम में थे। वहां जो बोलना चाहिए, वह बोले लेकिन इसका अर्थ किसी पार्टी का साथ देना नहीं है।
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दरअसल, उपाध्याय ने रविवार को अलीगढ़ में होली मिलन समारोह में वहां से भाजपा प्रत्याशी और मौजूदा सांसद सतीश गौतम को अपना छोटा भाई बताया था। साथ ही सतीश गौतम को आशीर्वाद और सहयोग देने को कहा था। बताया जाता है कि इसके पीछे बसपा का आंतरिक समीकरण है। रामवीर उपाध्याय की पत्नी सीमा उपाध्याय के बारे में चर्चा थी कि वह बसपा के टिकट पर अलीगढ़ से लड़ेंगी।

सीमा पहले फतेहपुर सीकरी से बसपा के टिकट पर सांसद रह चुकी हैं। सूत्रों का कहना है कि बसपा सुप्रीमो इस बार भी सीमा को फतेहपुर सीकरी से चुनाव लड़ने को कह रही थीं जबकि रामवीर इसके इच्छुक नहीं थे। बात नहीं बनी तो रामवीर ने चुनाव न लड़ने का फैसला ले लिया।
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यह है वजह

रामवीर उपाध्याय के छोटे भाई मुकुल पहले ही भाजपा में शामिल हो चुके हैं। हालांकि मुकुल ने भाजपा का दामन थामते वक्त बसपा प्रमुख मायावती के साथ बड़े भाई रामवीर उपाध्याय पर भी निशाना साधा था। पर, सूत्रों की मानें तो बसपा के टिकट को लेकर अपने साथ हुए बर्ताव से रामवीर उपाध्याय आहत हैं।

भाजपा के सूत्रों और उपाध्याय के एक करीबी राजनेता की मानें तो उपाध्याय ने अलीगढ़ में यूं ही ये बातें नहीं कही हैं। उन्होंने इस बहाने सियासी स्थितियों को साफ करने की कोशिश की है। इससे अलीगढ़, हाथरस, फतेहपुर सीकरी, बुलंदशहर सहित आसपास के जिलों के उनके समर्थक भाजपा का साथ दे सकते हैं। 
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