लोकसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के दौरान मंगलवार को पूर्व विधायक समेत आठ प्रत्याशियों ने परचा दाखिल किया। इस दौरान प्रसपा (लोहिया) के प्रत्याशी राम सिंह और उनके समर्थकों और पुलिस के बीच न सिर्फ कहासुनी हुई। बल्कि हाथापाई तक हुई। नामांकन कक्ष के अंदर एक समर्थक को रोके जाने की बात पर काफी देर तक विवाद की स्थिति रही।
खूब धक्कामुक्की हुई। समर्थकों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुलिस कर्मियों पर ज्यादती का आरोप लगाया। दोनों तरफ से एक दूसरे को देख लेने की धमकी तक दी गई। हालांकि बाद में पुलिस अफसरों के समझाने पर मामला शांत हुआ। जिले में अब तक नामांकन करने वाले प्रत्याशियों की संख्या 16 हो गई है।
पूर्वाह्न 11 बजे शाम तीन बजे तक डीएम कोर्ट में नामांकन प्रक्रिया कराई गई। मंगलवार को पूर्व विधायक सुरेंद्र बहादुर सिंह ने निर्दलीय के रूप में अपना परचा जमा किया।
इसी तरह राष्ट्रीय जनाधिकार पार्टी से ओम प्रकाश, आजाद हिंद सरकार (श्री स्मार्ट सुभाष दुर्गा वाहिनी) से सुनील कुमार, बहुजन मुक्ति पार्टी से किरन चौधरी, राष्ट्र व्यापी जनता पार्टी से विजय कुमार और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में प्रमोद कुरील, मो. इरफान ने नामांकन पत्र किया।
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी राम सिंह लाव लश्कर के साथ नामांकन करने पहुंचे थे। राम सिंह के साथ तय से अधिक लोग नामांकन कक्ष के अंदर जा रहे थे। इस पर वहां पर तैनात पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोक लिया और अभद्र बात कह दी।
इस पर राम सिंह और उनके समर्थक खफा हो गए। देखते ही देखते वहां पर पुलिस और प्रत्याशी, समर्थकों के बीच कहासुनी के साथ ही हाथापाई शुरू हो गई। इससे वहां पर अफरातफरी मच गई। करीब आधा घंटे तक पुलिस और समर्थकों के बीच तनातनी रही।
बाद में वहां पर तैनात पुलिस अफसरों ने किसी तरह मामला शांत कराया। प्रसपा प्रत्याशी का कहना है कि पुलिस कर्मियों की ओर से अभद्र व्यवहार किया गया। विरोध करने पर पुलिस ने हाथापाई की।
इस प्रकरण की शिकायत एसपी से की जाएगी। उधर, एएसपी शशिशेखर सिंह का कहना है कि प्रत्याशी और पुलिस के बीच हाथापाई की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो जांच कराई जाएगी।