पीपरपुर थाना क्षेत्र के त्रिसुंडी गांव में मतदान के दिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पिटाई व बाद में पीड़ित पक्ष के पुलिसिया उत्पीडन का मामला तूल पकड़ लिया है। गुरुवार को अचानक त्रिसुंडी पहुंचीं प्रियंका गांधी वाड्रा ने पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया।
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प्रियंका ने पीड़ित कांग्रेस कार्यकर्ता को न्याय नहीं मिलने पर चुनाव बाद संघर्ष का ऐलान किया। कांग्रेस महासचिव ने इस घटना को सूबे में जंगलराज का नमूना बताते हुए अमेठी समेत पूरे प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के उत्पीडन का आरोप लगाया। इसके बाद वे सुल्तानपुर गईं जहां उन्होंने रोड शो किया।
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अमेठी विधानसभा क्षेत्र के त्रिसुंडी बूथ पर छह मई को मतदान समाप्त होने के बाद गांव के ही कुछ भाजपा समर्थकों ने पूर्व ग्राम प्रधान बलराम यादव के भतीजे निरंजन व मान सिंह को पीट दिया था। बलराम की मानें तो इन्हीं लोगों ने देर शाम उनके घर पर चढ़कर फिर मारपीट की।
सात मई को इन लोगों ने मुखबिरी के आरोप में एक अन्य युवक को पीटा तो बलराम पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए। बलराम पक्ष के लोगों ने सात मई को दोपहर बाद रामगंज बाजार में मारपीट करने वालों में से एक की पिटाई कर दी।
इस घटना में पिटने वाले की तहरीर पर पुलिस ने बलराम पक्ष के चार लोगों के खिलाफ लूट का केस दर्ज कर लिया। केस दर्ज होने के बाद दबिश देने पहुंची रामगंज चौकी पुलिस ने बलराम के घर में तोड़ फोड़ की। इतना ही नहीं पुलिस ने बलराम के एक भतीजे को भी हिरासत में ले लिया।
आठ मई को पुलिस ने बलराम के भाई तारकेश्वर की पत्नी सुदामा (शिक्षामित्र) को तब हिरासत में ले लिया जब वह स्कूल से घर आ रही थीं। भाजपाइयों की दबंगई व पुलिस प्रताडना से आजिज बलराम परिवारीजनों के साथ गौरीगंज पहुंचे और राहुल गांधी के प्रतिनिधि चंद्रकांत को आपबीती सुनाई।
इसी मामले को लेकर बृहस्पतिवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अचानक दोपहर बाद साढ़े तीन बजे त्रिसुंडी गांव पहुंच गईं। प्रियंका को अपने बीच पाकर बलराम के घर की महिलाएं भावुक हो गईं।
प्रियंका ने पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद मौके पर मौजूद पीपरपुर एसएचओ श्याम सुंदर को सत्ता के दबाव से बाहर आकर निष्पक्ष कार्रवाई करने को कहा। प्रियंका ने कहा कि पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिला तो वे 19 मई को चुनाव समाप्त होने के बाद अमेठी आकर न्याय मिलने तक संघर्ष करेंगी।
प्रियंका ने कहा डरें नहीं, मैं आपके साथ
गुरुवार को प्रियंका को अपने बीच पाकर ग्रामीणों का दर्द छलक पड़ा। गांव के लोगों ने प्रियंका से कहा कि वे लोग वोट डालने बूथ पर गए तो पहले उन्हें वोट डालने से रोका गया। इसके चलते गांव के करीब 40 लोग वोट नहीं डाल सके।
कुछ युवकों ने उनकी बात नहीं मानी और वोट डाल दिया तो शाम को उन्हें पीटा गया। ग्रामीण यहीं नहीं रुके। उन्होंने प्रियंका से कहा कि भाजपा समर्थकों के आतंक से बच्चे दो दिन से स्कूल नहीं जा पा रहे।
ग्रामीणों ने कहा कि आपके जाने के बाद वे लोग फिर हमें प्रताड़ित करेंगे। ग्रामीणों की बात सुनने के बाद प्रियंका ने कहा कि आप लोग डरें नहीं। पहले मेरे पिता, मां और भाई आपके साथ थे, अब मैं भी आपके साथ हूं।
चुनाव आयोग से शिकायत का निर्देश
प्रियंका ने अपने साथ रहे धीरज श्रीवास्तव से कहा कि ग्रामीणों को वोट डालने से रोकने और मारपीट कर भयभीत करने की शिकायत वे चुनाव आयोग से करें। साथ ही पूरे मामले को स्वयं देखें तथा यह सुनिश्चित करें कि पीड़ितों को न्याय मिले और दोबारा उनका उत्पीडन नहीं हो। किसी तरह की बात होने पर तत्काल अवगत कराने को भी कहा। इस मौके पर ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।
कांग्रेसियों को प्रताड़ित कर रही योगी सरकार
पीड़ित कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मिलने के बाद मीडिया से मुखातिब प्रियंका ने सूबे की योगी सरकार पर बड़ा हमला बोला। प्रियंका ने कहा कि पूरे प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सत्ता के इशारे पर प्रताड़ित किया जा रहा है। त्रिसुंडी की घटना को उन्होंने सूबे में जंगलराज का नमूना बताया। प्रियंका ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्पीडन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अमेठी के क्षेत्राधिकारी पीयूषकांत राय ने कहा कि जो लोग अपने साथ चुनाव के दिन वोट डालने से रोकने व मारपीट की बात कर रहे हैं उन्होंनेे ऐसी कोई शिकायत पुलिस से नहीं की। एसएचओ को गांव जाकर पूरे मामले की व्यक्तिगत जांच करने, ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने व तहरीर मिलने पर केस दर्ज कर कार्रवाई करने को कहा गया है।