प्रदेश के कई ऐसे बाहुबली नेता हैं जिनसे बड़े दलों ने लोकसभा चुनाव में दूरी बना ली है। ऐसे में ये बाहुबली छोटे दलों के जरिए बड़े सियासी दलों में दखल बनाने की जुगत में लगे हैं। इनकी निगाहें सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा), अपना दल व अपना दल (एस) के साथ ही भारतीय समाज पार्टी, निषाद पार्टी, राष्ट्रीय जनवादी पार्टी पर हैं जो किसी न किसी बड़े दल के समर्थन से चुनाव मैदान में हैं।
इस चुनाव में करीब आधा दर्जन ऐसे बाहुबली नेता हैं जिन्हें किसी बड़े दल ने अपना उम्मीदवार बनाने का संकेत नहीं दिया है। ऐसे में वे दूसरा सियासी ठिकाना तलाश रहे हैं। इनकी पसंद ऐसे दल हैं जो भाजपा, कांग्रेस व सपा के सहयोगी हैं या कई सीटों पर उन्हें बड़े दलों का समर्थन मिलने की संभावना है।
जौनपुर के बाहुबली धनंजय सिंह बसपा से सांसद रह चुके हैं, लेकिन बसपा से अलग होने के बाद वह किसी दल में नहीं हैं। धनंजय भाजपा से जौनपुर से मैदान में उतरने के लिए हाथ-पांव मार चुके हैं, लेकिन वहां से कोई उत्साहवर्धक संकेत न मिलने से अब ओमप्रकाश राजभर की सुभासपा के जरिए ‘बैकडोर’ से भाजपा के नजदीक जाने की व्यूहरचना में जुटे हैं।