प्रदेश में अपना वजूद वापस पाने की आजमाइश में जुटी कांग्रेस ने लखनऊ की दोनों संसदीय सीटों पर अपने प्रत्याशियों को मजबूती से चुनाव लड़ाने के लिए खुले हाथ खर्च किया। निर्वाचन आयोग के समक्ष चुनावी खर्च का ब्योरा प्रस्तुत किए जाने के तीसरे दौर तक दोनों सीटों पर कांग्रेसी सर्वाधिक खर्च कर बाकी प्रत्याशी पर भारी पड़े।
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मोहनलालगंज सीट से कांग्रेस प्रत्याशी आरके चौधरी ने जहां अब तक 44.60 लाख तो शहर सीट से आचार्य प्रमोद 40.10 लाख के खर्च के साथ सबसे आगे रहे। वहीं, शहर सीट से भाजपा के नेता व गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने प्रचार के खर्च में कोताही बरती।
चार मई को व्यय कमेटी के समक्ष उन्होंने अब तक 19.44 लाख के खर्च का ब्योरा ही प्रस्तुत किया। इसी सीट पर सपा प्रत्याशी पूनम शत्रुघ्न सिन्हा भी करोड़ों की चल-अचल संपत्ति के बाद भी चुनावी खर्च के नाम पर कंजूस रही। उन्होंने प्रचार मद में तीसरे दौर तक 15.23 लाख के खर्च का विवरण ही दिखाया।
चुनावी खर्च से जुड़ी व्यय कमेटी के प्रभारी व सीटीओ कलेक्ट्रेट ट्रेजरी संजय सिंह ने बताया कि प्रत्याशियों ने दो मई तक हुए खर्च का विवरण प्रस्तुत किया है।
चौथे चरण में सभी प्रत्याशी चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद अंतिम तौर पर 8 जून को व्यय प्रेक्षकों के समक्ष मौजूद होकर पूरे चुनाव खर्च का अंतिम ब्योरा प्रस्तुत करेंगे। ऐसा न करने वाले प्रत्याशी को डिफॉल्टर मान मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
मोहनलालगंज सीट से भाजपा से समर्थित कौशल किशोर चुनावी खर्च में राजनाथ से आगे रहे। तीसरे दौर तक उन्होंने प्रचार पर गृहमंत्री से करीब दोगुना 37.11 लाख खर्च किया।
वहीं, मोहनलालगंज से महागठबंधन के बसपा प्रत्याशी सीएल वर्मा ने 15.97 लाख का खर्च ही प्रचार में किया। खास बात यह है कि आयोग की निगरानी समिति ने शैडो रजिस्टर से जो खर्च जुटाए हैं उससे ज्यादा कुछ निर्दलीय उम्मीदवारों ने दिखाया था। इस अंतर को अंतिम खर्च के रिकॉर्ड की जांच के दौरान सही कराया गया।
छोटे दलों के प्रत्याशियों ने भी दिखाया दम
छोटे राजनीतिक दलों व निर्दलीय प्रत्याशियों में लखनऊ शहर सीट से नागरिक एकता पार्टी के शमीम खान 7.40 लाख के खर्च के साथ पहले स्थान पर रहे।
1.56 लाख के साथ सर्वोदय भारत पार्टी के गिरीश नारायण पांडेय दूसरे व 1.22 लाख के खर्च के साथ पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया के देव नारायण सिंह तीसरे दौर तक खर्च में आगे रहे।
इसके इतर मोहनलालगंज सीट से प्रसपा के गनेश रावत 4.25 लाख, पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक की राधा देवी अंबेडकर ने 1.15 लाख का खर्च चुनाव प्रचार में किया।
70 लाख की खर्च सीमा से दूर रहेंगे सभी
आयोग ने हर प्रत्याशी के लिए चुनाव प्रचार की मद में अधिकतम 70 लाख तक के खर्च की सीमा तय की थी। व्यय कमेटी से जुड़े जानकार भी मानते हैं कि तीसरे दौर तक के खर्च को देख कर इस बार दोनों सीटों पर कोई भी प्रत्याशी अधिकतम सीमा के आस-पास पहुंचता नहीं दिख रहा।
तीसरे दौर तक किसने, किया कितना खर्च : लखनऊ लोकसभा सीट