लोकसभा आम चुनाव में लखनऊ सीट का चुनाव स्थगित करने के आग्रह वाली एक याचिका हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के समक्ष दाखिल की गई है। कोर्ट ने मंगलवार को इस याचिका पर शुरूआती सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित कर लिया।
न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल व न्यायमूर्ति रजनीश कुमार की खंडपीठ के समक्ष नैतिक पार्टी की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई हुई। पार्टी के सचिव पंकज तिवारी की याचिका पर याची के अधिवक्ता चंद्रभूषण पांडेय का कहना था कि नैतिक पार्टी की तरफ से खड़े किए गए प्रत्याशी के नामांकन पत्र को बतौर रिटर्निंग आफिसर डीएम लखनऊ ने बीते 22 अप्रैल को खारिज कर दिया।
अधिवक्ता की दलील थी कि पार्टी के प्रत्याशी का नामांकन पत्र खारिज किया जाना अवैध और मनमाना था जो कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के खिलाफ है।
याचिका में नामांकन पत्र खारिज किए जाने के आदेश को निरस्त करे जाने समेत नामांकन पत्र की स्क्रूटनी किए जाने की गुजारिश की गई है।
साथ ही याचिका में लखनऊ लोकसभा के चुनाव को फिलहाल स्थगित करके लोकसभा चुनाव प्रक्रिया पूरा करे जाने से पहले लखनऊ सीट का चुनाव कराए जाने का आग्रह किया गया है। याचिका में याची को एक लाख रुपये बतौर क्षतिपूर्ति दिए जाने का भी आग्रह किया गया है।
याची के अधिवक्ता का तर्क था कि नैतिक पार्टी ने अपने प्रत्याशी को महज इसलिए उतारा था ताकि पार्टी को न्यूनतम दो फीसदी मत हासिल हो सकें, जिससे पार्टी मान्यता प्राप्त करने की शर्त पूरी कर सके।
पांडेय का कहना था कि राष्ट्रीय पार्टी को मान्यता लेने के लिए दो फीसदी वोट मिलने जरूरी हैं। ऐसे में पार्टी के प्रत्याशी का नामांकन मनमाने तरीके से खारिज किए जाने से पार्टी के हित प्रभावित होंगे।
उधर सुनवाई के समय केंद्रीय निर्वाचन आयोग के अधिवक्ता पेश हुए। याचिका में केंद्रीय निर्वाचन आयोग समेत लखनऊ के डीएम (रिटर्निंग अफसर) कौशल राज शर्मा को पक्षकार बनाया गया है। अदालत ने याचिका पर पक्षों को सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित कर लिया।