इसमें से 36 उम्मीदवार यानी 22 प्रतिशत उम्मीदवार ऐसे हैं जिनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। आपराधिक छवि के मामले में पहले नंबर पर वाराणसी से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे अतीक अहमद हैं। अतीक के खिलाफ कुल 59 मामले दर्ज हैं जिसमें 80 गंभीर धाराओं के मुकदमे शामिल हैं।
इसमें हत्या, हत्या की साजिश, हत्या के प्रयास और अपहरण जैसे मामलों की धाराएं शामिल हैं। दूसरे नंबर पर घोसी से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे अतुल सिंह हैं। अतुल के खिलाफ कुल 13 मुकदमे दर्ज हैं इसमें गंभीर धाराओं वाले 14 मामले हैं।
इसमें हत्या, हत्या के प्रयास और हत्या की साजिश के मामले शामिल हैं। तीसरे नंबर पर वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने चुनाव लड़ रहे अजय राय हैं। अजय के राय के खिलाफ 8 मुकदमे हैं जिनमें 16 गंभीर धाराओं के मुकदमे भी शामिल हैं।
सातवें चरण में चुनाव लड़ रहे भाजपा के 11 में से 5 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले, कांग्रेस के 9 में से 6 उम्मीदवारों और सपा के 8 में से 5 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज है।
सातवें चरण में सबसे धनी उम्मीदवार की बात करें तो महराजगंज से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे पंकज चौधरी पहले नंबर पर हैं, जिनके पास 37 करोड़ की संपत्ति है। पंकज के बाद कांग्रेस के कुशीनगर के उम्मीदवार आरपीएन सिंह हैं, जिनके पास 29 करोड़ से अधिक संपत्ति है।
निर्दल उम्मीदवार अतीक अहमद के पास 25.50 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है और वह इस सूची में तीसरे नंबर पर हैं। एक करोड़ या उससे अधिक संपत्ति घोषित करने वाले उम्मीदवारो में भाजपा के सभी 11 उम्मीदवार, कांग्रेस के सभी 9 उम्मीदवार समाजवादी पार्टी के 8 में से 7 उम्मीदवार और बीएसपी के चार में से तीन उम्मीदवार की कुल संपित्त एक करोड़ रुपये से अधिक है।
दो ऐसे प्रत्याशी इस चुनाव में किस्मत आजमा रहे हैं जिनकी कुल चल और अचल संपत्ति शून्य है। इसमें महराजगंज से चुनाव लड़ रहे जय हिंद पार्टी के उम्मीदवार शिवचरन और सलेमपुर से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे सुनील कुमार पांडेय का नाम शामिल है। इन दोनों ने अपनी संपत्ति शून्य घोषित की है।