लोकसभा की दोनों सीटों के लिए 23 मई को होने वाली मतगणना में हर कक्ष की मेज पर अलग से माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात होंगे। गणना में गड़बड़ी पर ये सीधे जिम्मेदार माने जाएंगे। ईवीएम के मतों की गणना के लिए लखनऊ सीट पर 171 और पोस्टल बैलेट की गिनती के लिए 20 टीमें तैनात होंगी।
हर कक्ष में दो अतिरिक्त माइक्रो ऑब्जर्वर भी तैनात होंगे जो गणना कक्ष में लगे कंप्यूटर में दर्ज होने वाले राउंडवार रिजल्ट पर नजर रखेंगे। यह कहना है जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम कौशल राज शर्मा का। वे गुरुवार को केजीएमयू स्थित कन्वेंशन सेंटर में मतगणना कर्मिकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उन्होंने 23 मई को नामित गणना कर्मियों को सुबह छह बजे रमाबाई रैली स्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए। मतगणना स्थल पर ही कर्मचारियों को पता चलेगा कि उन्हें किस विधानसभा क्षेत्र के वोटों की गिनती के काम में लगाया गया है।
इससे पहले हर कार्मिक यह तस्दीक करेगा कि जो ईवीएम मिली है वह उसी बूथ की है। मशीन की कंट्रोल यूनिट की जानकारी भी प्रत्याशी एजेंट को देनी होगी। कर्मचारियों इसकी व्यावहारिक तौर-तरीके बताए गए।
डीएम ने समझाया कि ईवीएम में दर्ज मतों की गणना का कार्य पूरा होने के बाद सबसे अंत में हर विधान सभा क्षेत्र का रेंडम आधार पर चयनित पांच बूथों के वोटों का ईवीएम व वीवीपैट की पर्चियों से मिलान करना होगा। इसमें करीब दो से तीन घंटे का अतिरिक्त समय लगेगा। इसी कारण दोनों सीटों के अंतिम परिणाम देरी से घोषित हो पाएंगे।
ईवीएम डिस्प्ले में गड़बड़ी पर गणना वीवीपैट स्लिप से
डीएम ने बताया कि मतगणना के दौरान अगर किसी बूथ की ईवीएम की कंट्रोल यूनिट का डिस्प्ले खराब है या वोटों की गिनती में अड़चन है तो मौजूद माइक्रो ऑब्जर्वर के निर्देश पर ईवीएम से संबद्ध वीवीपैट की स्लिप से बूथ पर पड़े वोटों की गिनती का मिलान होगा।
दूर दराज क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों व अफसरों के इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट्स (ईटीपीबी) के मतों की गणना का कार्य पोस्टल बैलेट के बाद होगा। पोस्टल बैलेट के मतों की गणना के लिए लखनऊ सीट पर 10 और मोहनलालगंज सीट में 6 मेज की व्यवस्था होगी।
सबसे पहले सुनिश्चित करना होगा कि पोस्टल बैलेट के दोनों लिफाफों पर क्रमांक दर्ज है अथवा नहीं। अगर क्रमांक दर्ज न मिले तो ऐसे मत को निरस्त माना जाएगा। बैलेट कटा फटा होने, निशान प्रत्याशी के समक्ष बने खाने के इतर दर्ज होने, डिक्लेरेशन फॉर्म 13 ए में वोटर का नाम क्रमांक व राजपत्रित अधिकारी के पदनाम सहित मुहर व हस्ताक्षर न होने पर भी ऐसे मतों को रद्द कर दिया जाएगा।