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#VoteKaro: यूपी में 14 लोकसभा सीटों पर इम्तिहान, अवध से तय होगी दिग्गजों की किस्मत 

Mon, 06 May 2019 03:02 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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राजनाथ सिंह-सोनिया गांधी-स्मृति ईरानी - फोटो : social Media
लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में सोमवार यानि आज अवध की राजधानी समेत यूपी की 14 सीटों पर मतदान होगा। इनमें 12 पर भाजपा तथा दो पर कांग्रेस का कब्जा है। इस चरण में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी और जितिन प्रसाद की प्रतिष्ठा दांव पर है। इन 14 सीटों में सपा 7 और बसपा 5 पर चुनाव लड़ रही हैं। गठबंधन ने रायबरेली और अमेठी की सीट कांग्रेस के लिए छोड़ी हैं।

कांग्रेस कई सीटों पर गठबंधन तो कुछ स्थानों पर भाजपा का गणित बिगाड़ रही है। अमेठी में राहुल को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी चुनौती दे रही हैं। राजधानी लखनऊ में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह दूसरी बार चुनावी जंग लड़ रहे हैं। फतेहपुर में केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति एक बार फिर मतदाताओं की कसौटी पर हैं। भाजपा के राजनीतिक-सांस्कृतिक सरोकारों से जुड़ी फैजाबाद सीट पर भी सोमवार को वोट पड़ेंगे। अयोध्या इसी लोकसभा क्षेत्र में पड़ती है।
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अवध से तय होगी दिग्गजों की किस्मत 
मोहनलालगंज : चौधरी बने त्रिकोण
लखनऊ जिले की इस सीट में भाजपा के मौजूदा सांसद कौशल किशोर व गठबंधन से बसपा उम्मीदवार सीएल वर्मा के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। सपा छोड़कर आए पूर्व मंत्री आरके चौधरी को कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है। वह चुनाव में त्रिकोण बनने की कोशिश में जुटे हैं। इस सुरक्षित सीट पर जातीय समीकरण से हार-जीत निकलेगी।

इनमें मुकाबला
कौशल किशोर: भाजपा
सीएल वर्मा: गठबंधन
आरके चौधरी: कांग्रेस
कुल प्रत्याशी: 12
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सीतापुर : राजेश को बसपा-कांग्रेस से चुनौती
भाजपा के मौजूदा सांसद राजेश वर्मा के सामने कांग्रेस ने पूर्व सांसद कैसरजहां और गठबंधन की ओर से बसपा ने पूर्व मंत्री नकुल दुबे को उतारा है। कांग्रेस व बसपा के बीच मुस्लिम वोटों को लेकर जंग छिड़ी हुई है। उनका बंटवारा हुआ तो भाजपा को लाभ मिलने का अनुमान है। इस सीट पर भी त्रिकोणीय मुकाबले की तस्वीर बनी हुई है।

इनमें मुकाबला
राजेश वर्मा: भाजपा
कैसरजहां: कांग्रेस
नकुल दुबे: गठबंधन
कुल प्रत्याशी : 12

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बांदा : पिछड़े वोट ही तय करेंगे हार-जीत
भाजपा के आरके सिंह पटेल, गठबंधन के श्यामाचरण गुप्ता व कांग्रेस के बाल कुमार पटेल के बीच त्रिकोणात्मक संघर्ष है। यहां दलीय निष्ठाएं बदलने से सियासी समीकरण बदले। इस सीट पर ब्राह्मणों की अच्छी तादाद है लेकिन पिछड़े वोटों से हार-जीत तय होने का अनुमान है। ददुआ के भाई व पूर्व सांसद के चुनाव मैदान में होने से बुंदेलखंड की यह सीट खासी चर्चा चर्चा में है।

इनमें मुकाबला
आरके सिंह: भाजपा  
श्यामाचरण गुप्ता: गठबंधन
बाल कुमार पटेल: कांग्रेस
कुल प्रत्याशी: 8
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गोंडा : दिलचस्प मुकाबले में फंसे कीर्तिवर्धन
भाजपा के मौजूदा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया   का मुकाबला गठबंधन से सपा प्रत्याशी विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह तथा कांग्रेस की कृष्णा पटेल से है। कृष्णा पटेल, अपना दल कृष्णा की अध्यक्ष हैं। उनका कांग्रेस से गठबंधन है। तकनीकी कारणों से वह कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ रही है। पंडित सिंह पूर्व मंत्री हैं। 

इनमें मुकाबला
कीर्तिवर्धन सिंह: भाजपा
विनोद कुमार सिंह: गठबंधन
कृष्णा पटेल: कांग्रेस 
कुल प्रत्याशी: 15
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धौरहरा : त्रिकोणीय संघर्ष में घिरे जितिन
पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर जितिन प्रसाद की प्रतिष्ठा दांव पर है। उनके सामने भाजपा की मौजूदा सांसद रेखा वर्मा व बसपा के अरशद इलियास सिद्दीकी हैं। जितिन प्रसाद को पहले लखनऊ से उम्मीदवार बनाया गया था लेकिन बाद में उन्हें अपनी परंपरागत सीट से टिकट दिया है। प्रसपा लोहिया ने पूर्व दस्यु  मलखान सिंह को टिकट दिया है।

इनमें मुकाबला
जितिन प्रसाद: कांग्रेस
रेखा वर्मा: भाजपा 
अरशद सिद्दीकी: गठबंधन
कुल प्रत्याशी: 8
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रायबरेली : हार-जीत के अंतर की लड़ाई
भाजपा ने यूपीए अध्यक्ष  सोनिया गांधी के खिलाफ एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह को टिकट दिया है। दिनेश प्रताप सिंह कभी गांधी परिवार के बेहद नजदीकी माने जाते थे। गठबंधन का उम्मीदवार न होने से यहां कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है। सेहत खराब होने की वजह से सोनिया गांधी इस सीट पर चुनाव प्रचार के लिए ज्यादा वक्त नहीं निकाल पाई हैं। उनके चुनाव की कमान प्रिंयका गांधी वाड्रा ने संभाली हुई है। 

दांव पर दिग्गज
सोनिया गांधी: कांग्रेस
दिनेश प्रताप सिंह: भाजपा
कुल प्रत्याशी: 15

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स्मृति ईरानी-राहुल गांधी (फाइल फोटो)
अमेठी : राहुल की घेराबंदी की कोशिश
नेहरु-गांधी परिवार की परंपरागत अमेठी लोकसभा सीट पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी आमने-सामने हैं। स्मृति लगातार राहुल पर हमला कर रही हैं कि वे क्षेत्र में नहीं आते हैं। इसके बावजूद राहुल ने चुनाव के दौरान अमेठी को ज्यादा वक्त नहीं दिया। उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस सीट पर काफी मेहनत की है। कांग्रेस को गांधी-नेहरू परिवार से जुड़ी अमेठी की पहचान का लाभ मिल रहा है।

दांव पर दिग्गज
राहुल गांधी: कांग्रेस
स्मृति ईरानी: भाजपा
कुल प्रत्याशी: 27

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कैसरगंज : बृजभूषण की प्रतिष्ठा दांव पर
भाजपा प्रत्याशी व मौजूदा सांसद बृजभूषण शरण सिंह का मुकाबला बसपा के चंद्रदेव राम यादव और कांग्रेस के विनय पांडेय विन्नू से है। बृजभूषण इसी सीट से 2009 और 2014 में सांसद चुने गए थे। विन्नू पांडेय भी पूर्व सांसद हैं और चंद्रदेव राम यादव पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री है। यहां त्रिकोणीय संघर्ष है। बसपा सुप्रीम मायावती ने सिंह को गुंडा कहकर यहां का चुनावी माहौल गरमा दिया।

इनमें मुकाबला
बृजभूषण सिंह: भाजपा  
चंद्रदेव राम: गठबंधन
विनय पांडेय: कांग्रेस 
कुल प्रत्याशी: 12

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बहराइच : भाजपा व गठबंधन के बीच मुकाबला
भाजपा की बागी सांसद सावित्री बाई फुले को कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने अक्षयवर लाल को टिकट दिया है। सपा से शब्बीर वाल्मीकि मैदान में है। मुकाबला इन्हीं तीनों के बीच है। भाजपा व गठबंधन ने इस सीट पर ताकत झोंक दी है। उनके प्रमुख नेता सभाएं कर चुके हैं। आखिरी वक्त में सीधी टक्कर होने की संभावना जताई जा रही है।

इनमें मुकाबला
सावित्री बाई फुले: कांग्रेस
अक्षयवर लाल: भाजपा 
शब्बीर वाल्मीकि: गठबंधन
कुल प्रत्याशी :10

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फतेहपुर : निरंजन ज्योति को गठबंधन की चुनौती
केंद्रीय मंत्री व भाजपा प्रत्याशी निरंजन ज्योति तिकोने मुकाबले में फंसी हुईं हैं। उनके सामने गठबंधन से बसपा उम्मीदवार सुखदेव प्रसाद वर्मा और कांग्रेस से राकेश सचान मैदान में है। तीनों प्रत्याशी पिछड़े वर्ग से हैं। इस सीट पर पिछड़ों, अल्पसंख्यकों का रुख नतीजे को प्रभावित करेगा। पटेल वोटों पर खासतौर पर नजरें टिकी हैं। निरंजन ज्योति को गठबंधन से चुनौती मिलती दिख रही है।

इनमें मुकाबला
निरंजन ज्योति: भाजपा 
सुखदेव प्रसाद: बसपा
राकेश सचान: कांग्रेस
कुल प्रत्याशी: 10

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लखनऊ: राजनाथ की रफ्तार रोकने की चुनौती
1991 के बाद से भाजपा का गढ़ बनी लखनऊ संसदीय सीट से केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के मुकाबले सपा ने फिल्म अभिनेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा को मैदान में उतारा हैं। कांग्रेस से आचार्य प्रमोद कृष्णम उम्मीदवार हैं। कांग्रेस की ओर से प्रमोद कृष्णम ने एक बार यहां कुछ संत महात्माओं को साथ लेकर पदयात्रा भी की थी। खुद पूनम सिन्हा के प्रचार में हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए शत्रुघ्न सिंह भी पहुंचे थे। वहीं, उत्तर प्रदेश के सीएम रह चुके राजनाथ भी अपनी तरफ से कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं।

दांव पर दिग्गज
राजनाथ सिंह: भाजपा
पूनम सिन्हा: सपा
आचार्य प्रमोद कृष्णम: कांग्रेस
कुल प्रत्याशी: 15

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कौशांबी : सोनकर व इंद्रजीत में रोचक जंग
इस सुरक्षित सीट पर भाजपा सांसद विनोद कुमार सोनकर का मुकाबला सपा के इंद्रजीत सरोज, कांग्रेस के गिरीश पासी और राजा भैया की जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के उम्मीदवार शैलेंद्र कुमार पासी से है। शैलेंद्र पहले इस सीट से सपा सांसद रह चुके हैं। उनके आने से सीट के समीकरणों में बदलाव आया है। 

इनमें मुकाबला
विनोद सोनकर: भाजपा
इंद्रजीत सरोज: गठबंधन
गिरीश पासी: कांग्रेस 
कुल प्रत्याशी: 12

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बाराबंकी : त्रिकोणीय संघर्ष में रावत
राजधानी लखनऊ से सटी इस सुरक्षित सीट पर त्रिकोणात्मक संघर्ष है लेकिन आखिर वक्त में मुकाबला आमने-सामने का हो सकता है। इस सीट पर भाजपा विधायक उपेंद्र सिंह रावत का मुकाबला सपा के बुजुर्ग नेता राम सागर रावत व कांग्रेस के युवा प्रत्याशी तनुज पुनिया से है। तनुज के पिता पीएल पुनिया इस सीट से सांसद रह चुके हैं। 

इनमें मुकाबला
उपेंद्र सिंह रावत: भाजपा
राम सागर रावत: गठबंधन
तनुज पुनिया: कांग्रेस
कुल प्रत्याशी: 13
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फैजाबाद : लल्लू सिंह का इम्तिहान
अयोध्या जिले की इस सीट पर मौजूदा भाजपा सांसद लल्लू सिंह का मुकाबला गठबंधन से सपा उम्मीदवार आनंद सेन यादव और कांग्रेस के पूर्व सांसद निर्मल खत्री से है। राम मंदिर से जुड़ी यह सीट भाजपा के सांस्कृतिक एजेंडे का अहम हिस्सा है। इस सीट पर भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर है। यहां त्रिकोणात्मक मुकाबला है।

इनमें मुकाबला
लल्लू सिंह: भाजपा
आनंद सेन: गठबंधन
निर्मल खत्री: कांग्रेस
कुल प्रत्याशी: 13
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