कुछ आगे बढ़े तो बाराबंकी के प्रसिद्ध टिकैतगंज कस्बे की गुप्ताजी की दुकान पर लोग बतियाते हुए मिले। ग्राम पंचायत बिसईं के ग्राम प्रधान राम प्रताप रावत कहते हैं कि गठबंधन का पलड़ा भारी दिखता है। भाजपा राज में किसानों को फायदा नहीं हुआ, उल्टे आवारा पशुओं ने उन्हें परेशान करके रख दिया है। पास ही बैठा एक अन्य मतदाता धीरे से बुदबुदाता है, प्रधानजी से यह तो पूछ लो कि खुद कितने वोट से जीते थे। पता चला कि उनकी हार-जीत का अंतर कुछ वोट का ही रहा था। मीरादेवी गुप्ता ग्राम प्रधान की बात काटते हुए कहती हैं कि मोदी के नाम पर भाजपा को ज्यादा वोट मिलेगा। हालांकि, यह बात भी सही है कि कस्बे के नेताओं (मंडल स्तरीय) की भाजपा से नाराजगी के चलते कुछ मतदाता छिटक रहे हैं।
लोकसभा में मोदी, विधानसभा में अखिलेश
सदर विधानसभा क्षेत्र के बंधिया गांव के अरविंद यादव, संदीप यादव व दुलारे यादव कहते हैं कि केंद्र में मोदी जैसा नेता कोई नहीं दिखता। जब विधानसभा का चुनाव होगा तो अखिलेश यादव (सपा) को ही वोट देंगे। क्या मोदी सरकार ने उनके गांव में भी कुछ काम कराए? अरविंद यादव कहते हैं कि काम होना या न होना महत्वपूर्ण नहीं है, क्योंकि यह चुनाव पीएम बनने के लिए लड़ा जा रहा है। मस्तराम यादव कहते हैं कि उन्हें भाजपा की नीतियां पसंद हैं।
कांग्रेस की नीतियां अच्छी, पर सिर्फ मुस्लिम मतों से नहीं जीत सकता कोई
देवा में एक मेडिकल स्टोर पर राजनीतिक चर्चाएं चल रही थीं। सैलून चलाने वाले इरफान कहते हैं, मेरी दुकान पर जो आ रहा है, वो यही कह रहा है कि पुनिया (कांग्रेस प्रत्याशी के पिता पीएल पुनिया) का व्यवहार बहुत अच्छा है। उन्होंने क्षेत्र में विकास के काफी कार्य कराए। 72 हजार रुपये और किसान का कर्ज माफ करने की कांग्रेस की घोषणा पर खूब चर्चा हो रही है। रेडीमेड गारमेंट्स के कारोबारी महमूद आलम और आफताब आलम कहते हैं कि उनके ग्राम पंचायत सिपइया में तो गठबंधन भारी दिख रहा है। कांग्रेस अच्छी पार्टी है, लेकिन उसके पास अपना कोई आधार वोट नहीं है। सिर्फ मुसलमानों के वोट से तो कोई जीत नहीं सकता। बुजुर्ग मो. नजीर कहते हैं कि वोटर आसानी से नहीं खुलता है, पर देवा ब्लॉक में लड़ाई भाजपा और गठबंधन के बीच ही दिख रही है। वे स्वीकार करते हैं कि मुसलमान किस तरफ जाएंगे, यह तो मतदान के 24-72 घंटे पहले ही स्पष्ट हो सकेगा।
जैतपुर विधानसभा क्षेत्र के टेरा सद्दीपुर चौराहे पर विश्वनाथ यादव, हरिनाम वर्मा, फूलचंद वर्मा, रजाउद्दीन, सुरेश चंद्र विश्वकर्मा और रामसमुझ लोधी से मुलाकात होती है। चुनावी चर्चा शुरू होने पर राम समुझ सवाल करते हैं- मोदी से अच्छा कौन। हरिनाम वर्मा, फूलचंद वर्मा, सुरेश चंद्र विश्वकर्मा कहते हैं-भाजपा राज में शौचालय, आवास, गैस व बिजली कनेक्शन भी बहुतायत में मिले। विश्वनाथ यादव और रजाउद्दीन कहते हैं, देख लेना गठबंधन किसी से कमजोर नहीं रहेगा। बहनजी (मायावती) की सरकार में कोई गरीब की ओर आंख उठाकर नहीं देख पाता था। अखिलेश यादव की सरकार ने भी गरीबों को पेंशन दी। सड़कें भी अच्छी कराईं। फिर सभी हंसते हुए कहते हैं-कोई भी जीते हारे, हमें तो वही करना है। वे सभी मुख्य लड़ाई में गठबंधन और भाजपा को मान रहे हैं।
हैदरगढ़-रामनगर में कांग्रेस, सदर-कुर्सी जैतपुर में गठबंधन-भाजपा में मुकाबला
मसौली (जैतपुर) में मिले रमेशचंद्र वर्मा कहते हैं कि इस बार जीत-हार का अंतर लाखों में नहीं होगा। कांटे की टक्कर है, इसलिए कुछ हजार में ही जीत-हार होगी। राजेंद्र वर्मा और लल्लू वर्मा बताते हैं कि उनके यहां गठबंधन और भाजपा दोनों अच्छे लड़ रहे हैं। अंतिम परिणाम मुस्लिम मतदाताओं के बंटने या न बंटने पर निर्भर करेगा। हैदरगढ़ के सुशील कुमार पांडे और रामनगर के राम विलास तिवारी बताते हैं कि उनके क्षेत्र में मुख्य लड़ाई कांग्रेस और भाजपा के बीच दिख रही है। वहीं, सदर, कुर्सी और जैतपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाता मुख्य लड़ाई गठबंधन और भाजपा के बीच मानकर चल रहे हैं।
सिर्फ सुना है मोदी का नाम
ग्राम पंचायत जूलिया बनारस में खेत में निराई करते हुए मिले रघुराज और उनकी टीम की महिलाएं। सभी महावत जनजाति से हैं। उन्होंने कुर्मी बिरादरी के एक व्यक्ति के खेत को बटाई पर लिया है। रघुराज, आशा और सुनीता ने बिना लाग-लपेट के बताया कि उन्होंने सिर्फ मोदी का नाम सुना है। क्या चुनाव चिह्न भी पता है तो हंसते हुए बोले-कमल का फूल।