जीत के बाद जश्न मनाते भाजपाई।
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प्रदेश में सभी 80 लोकसभा क्षेत्रों में प्रोफेशनल्स के रूप में आईआईटी, आईआईएम कर चुके युवकों को लगाया गया। इनके अलावा 600 सोशल मीडिया स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया के जरिये भाजपा के पक्ष में माहौल बनाया।
हर लोकसभा क्षेत्र में महिला मोर्चा, एससी मोर्चा, पिछड़ा मोर्चा, युवा मोर्चा और किसान मोर्चा के सम्मेलन कराकर लोगों को सक्रिय किया गया।
लोकसभा क्षेत्रों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय सहित अन्य नेताओं और मंत्रियों की 700 सभाएं कराई गईं।
भाजपा ने चुनावी जमीन मजबूत करने से पहले संगठन की पुनर्संरचना की। मंडल से लेकर सेक्टर स्तर पर बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन कराकर कार्यकर्ताओं को मोदी सरकार की योजनाओं, उनके लाभार्थियों, योगी सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों से अवगत कराकर जनता के बीच उन्हें बताने का मंत्र दिया।
तीसरे चरण में जनसंपर्क अभियान के तहत कार्यकर्ता सम्मेलन, पदयात्रा, लाभार्थी सम्मेलन, कमल ज्योति अभियान, मेरा परिवार भाजपा परिवार और छह क्षेत्रों में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सेक्टर सम्मेलन कराए गए। यह अभियान 2 मार्च को बाइक रैली से शुरू होकर चुनाव से पहले की तैयारियों के साथ संपन्न हुआ।
लोकसभा चुनाव के आगाज से पहले ही सपा, बसपा और कांग्रेस के मजबूत नेताओं को तोड़ने की रणनीति बनाई गई। महामंत्री गोविंद शुक्ला के नेतृत्व में चले अभियान में तीनों प्रमुख विपक्षी दलों के सौ से अधिक बड़े नेताओं, पूर्व और मौजूदा जनप्रतिनिधियों ने भाजपा का दामन थामा।
प्रदेश उपाध्यक्ष जेपीएस राठौर के नेतृत्व में चुनाव प्रबंधन की टीम ने हर सीट की चुनावी व्यवस्थाओं को बखूबी अंजाम दिया। विपक्षी दलों को घेरने की रणनीति बनाई।
आईटी का सटीक उपयोग
भाजपा ने सोशल मीडिया और आईटी का पूरा उपयोग किया। आईटी के प्रभारी संजय राय बताते हैं कि प्रदेश में 20 लाख से अधिक व्हाट्सएप्प ग्रुप, फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम के जरिए मोदी सरकार की उपलब्धियों और संगठन की विचारधारा को जनता तक पहुंचाया गया।
भाजपा ने 2009, 2012, 2014 और 2017 के चुनाव में मिले मतों के आधार पर बूथों की ए, बी, सी और डी श्रेणी तय की। छठे चरण की वोटिंग में ए और बी श्रेणी के बूथों पर मतदान अधिक हुआ है।
स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ आरएसएस, स्थानीय मीडिया कर्मियों और भाजपा के स्वयंसेवी प्रोफेशनल्स से मिले फीडबैक के आधार पर नाराज लोगों को मनाने, जातीय समीकरण पक्ष में करने के साथ नेताओं की सभाएं तय की गईं। कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों के बीच तालमेल बनाने के लिए मंडल स्तर पर प्रत्याशी का कार्यकर्ताओं से सीधा संपर्क कराया गया।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने यूपी को अपनी प्रमुखता में रखा। उन्होंने चुनाव के दौरान भी देर रात पहुंचक सभी छह क्षेत्रों में बैठक लेकर चुनावी तैयारियों की फीडबैक लिया। इससे पहले उन्होंने 2 जुलाई 2018 को लखनऊ में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय और महामंत्री संगठन सुनील बंसल को लोकसभा चुनाव का रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया था।
बंसल ने 17 जुलाई तक सभी छह क्षेत्रों में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की कोर कमेटी ने 18 जुलाई की बैठक में रोडमैप पर एक्शन का प्लान बनाकर इसे लागू किया।