लोकसभा चुनाव कौन जीतेगा, इसका फैसला तो बाद में होगा लेकिन लखनऊ में कुछ कबूतरबाज कबूतरों को पार्टियों के रंग में रंग कर रोज प्रतियोगिताएं करवा रहे हैं। इसके जरिये अपनी पसंदीदा पार्टी की जीत-हार के कयास भी लगा रहे हैं।
लखनऊ के मौलवीगंज, सादतगंज, अकबरी गेट और हुसैनाबाद आदि क्षेत्रों में कबूतरबाजी का शगल बरसों से पुराना है। इस बार इसमें राजनीति का रंग भी मिल गया है। यहां के कुछ कबूतरबाज पार्टियों के रंग में कबूतरों को रंगकर 20-20 के झुंड में उड़ाते हैं। जिसका झुंड सबसे ज्यादा समय उड़ता है, वह जीतता है। कांग्रेस से पार्षद का चुनाव लड़ चुके कबूतरबाज मोहम्मद फैयाज ने बताया कि लखनऊ की तहजीब में कबूतरबाजी शामिल रही है।
फैयाज ने अपने 250 कबूतरों को कांग्रेस के झंडे के रंग में रंगा है और रोज सुबह उन्हें प्रतियोगिता में शामिल करवाते हैं। उनके पड़ोसी और कबूतरबाजी में प्रतिद्वंद्वी सैदुल जमा भाजपा समर्थक हैं। भगवा रंग में रंगे उनके कबूतर फैयाज के तिरंगे कबूतरों से मुकाबला करते हैं। दूसरी ओर, इरशाद कुरैशी कहते हैं कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव युवाओं के हितैषी हैं। उन्हाेंने सपा को समर्थन देने के लिए अपने 60 कबूतरों को गठबंधन के लाल और नीले रंग में रंगा है। ब्यूरो