फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लॉकडाउन में कम सर्जरी से प्रमुख सचिव नाराज, लोहिया संस्थान के प्रतिनिधि को बैठक से लौटाया

विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। लोहिया संस्थान में लॉकडाउन के दौरान कम सर्जरी होने पर शासन की ओर से नाराजगी जताई गई है। खासतौर से जनरल सर्जरी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया गया है। दो दिन पहले शासन में हुई बैठक के दौरान सर्जरी की कम संख्या देखते ही प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ने लोहिया संस्थान के प्रतिनिधि को बैठक से वापस लौटा दिया। निर्देश दिया कि संस्थान में आने वाले मरीजों की सर्जरी बढ़ाई जाए और इलाज में किसी तरह की लापरवाही ना होने पाए। दो दिन पहले प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई थी। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद अस्पताल की स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान जनरल सर्जरी विभाग में सिर्फ तीन सर्जरी होने का आंकड़ा देखते ही प्रमुख सचिव नाराज हो गए। उन्होंने बैठक में मौजूद लोहिया संस्थान के प्रतिनिधि को तत्काल वापस जाने का निर्देश दिया। कहा की अस्पताल में जरूरतमंद मरीजों की ज्यादा से ज्यादा सर्जरी की जाए ताकि लोगों को फायदा मिल सके। करीब 1000 बेड वाले लोहिया संस्थान में 28 क्लीनिकल विभाग हैं। जनरल सर्जरी विभाग में सात डॉक्टर हैं। वहीं प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के तीन डॉक्टर तैनात हैं। सीनियर व जूनियर रेजीडेंट भी हैं। इसके बाद भी यहां नाममात्र की सर्जरी हो रही है। अब बढ़ी है सर्जरी की संख्या करीब 5 दिन पहले तक ऑपरेशन की संख्या कम थी, लेकिन लॉकडाउन खुलने के बाद इसमें इजाफा हुआ है। कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत सर्जरी की जा रही है। जनरल सर्जरी विभाग के डॉक्टरों को भी इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं। पहले से इलाज कराने वाले मरीजों को बुलाकर सर्जरी की जा रही है। प्रतिदिन 5 से 6 बड़े ऑपरेशन हो रहे हैं। - डॉ. एके त्रिपाठी, निदेशक, लोहिया संस्थान
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें