हवा में प्रदूषण का स्तर बता रहा है कि वाराणसी और हापुड़ की हवा पिछले चार दिनों में ज्यादा जहरीली हुई है। यानी वहां लॉकडाउन सफल नहीं हो पा रहा। वहीं, नोएडा प्रदूषण कम करने के लिहाज से यूपी में अव्वल है। लखनऊ समेत सभी प्रमुख शहरों की स्थिति संतोषजनक है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से शुक्रवार शाम जारी रिपोर्ट के अनुसार, वाराणसी का क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) बढ़कर 157 हो गया। यह सांस व दिल के रोगियों के लिए मुफीद नहीं है। 23 मार्च को वाराणसी का एक्यूआई 98 था और वहां की हवा प्रदेश में सबसे अच्छी बताई गई थी।
इसी तरह हापुड़ का एक्यूआई भी शुक्रवार को 112 से बढ़कर 114 हो गया। यह भी अस्थमा, दिल और फेफड़ों के रोगियों के लिए ठीक नहीं है। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। जाहिर है कि इन दोनों शहरों में लॉकडाउन के दौरान वाहनों और कारखानों से निकलने वाले प्रदूषण में उतनी कमी नहीं आई, जितनी अन्य शहरों में आई है।
दूसरी ओर नोएडा में वायु में प्रदूषण काफी कम हुआ है। 23 मार्च को वहां का एक्यूआई 103 था, जो गिरकर 58 पर आ गया है। लखनऊ का एक्यूआई भी 131 से घटकर 83 हो गया है। आगरा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, मेरठ, मुजफ्फरनगर और कानपुर की हवा में भी काफी सुधार आया है। एक्यूआई 50 से 100 के बीच होने पर हवा को स्वस्थ लोगों के लिए ठीक माना जाता है।