एलएमआरसी (लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन) को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी एक्ट का एप्रूवल 22 नवंबर तक हर हाल में मिल जाएगा। इस संबंध में सभी जरूरी दस्तावेज रजिस्ट्रार को जमा करा दिए गए हैं।
जबकि, 2 करोड़ रुपए का बैंक ड्राफ्ट जो कंपनी रजिस्ट्रेशन का शुल्क है, उसको रजिस्ट्रार के एकाउंट में शनिवार को जमा करा दिया जाएगा।
इसके बाद हर हाल में 22 नवंबर तक एलएमआरसी को एप्रूवल मिल जाएगा और इसके बाद कंपनी काम करना शुरू कर देगी। एलएमआरसी बोर्ड की पहली मीटिंग भी दिसंबर में आयोजित की जाएगी।
एलएमआरसी के एप्रवूल की प्रक्रिया शासन से लेकर रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी एक्ट (कानपुर) तक पिछले करीब डेढ़ महीने से जारी है। अब यह अपने अंतिम दौर में है।
इसमें कुल 14 निदेशक हैं। जबकि, चेयरमैन मुख्य सचिव होंगे। लखनऊ मेट्रो सेल के चेयरमैन राजीव अग्रवाल ने बताया कि, एलएमआरसी को अधिकृत किए जाने के लिए जो फीस लगनी है, वह करीब दो करोड़ रुपए है, उसका ड्रॉफ्ट बन गया है।
इसको शनिवार को जमा कर दिया जाएगा। जिसके बाद में तीन से चार दिन में रजिस्ट्रार की ओर से रजिस्ट्रेशन सर्टीफिकेट दे दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि, रजिस्ट्रेशन होने के बाद मेट्रो सेल का पूरा काम एलएमआरसी संभाल लेगा। पहली बोर्ड मीटिंग के दिसंबर में होने की संभावना है। जिसमें मेट्रो से जुड़े अनेक अहम फैसले लिए जाएंगे।
एलएमआरसी की डेमो वेबसाइट ऑनलाइन
लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की डेमो वेबसाइट का आगाज कर दिया गया है। यूपी इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड को इस वेबसाइट को बनाने का काम दिया गया है। इस संबंध में बृहस्पतिवार को मेट्रो सेल में यूपीईएल के अधिकारी ने प्रजेंटेशन के माध्यम से मेट्रो सेल के चेयरमैन को स्टेटस रिपोर्ट दी।
www.lmrcl.com वेब एड्रेस पर डेमो वेबसाइट शुरू भी कर दी है। इसको फिलहाल अंडर डेवलपमेंट दिखाया जा रहा है। अगले दो महीने में वेबसाइट काम करना शुरू कर देगी।
डौंडियाखेड़ा से आए नायब तहसीलदार
मेट्रो भूमि अर्जन और अन्य कामों के लिए नायब तहसीलदार की तैनाती की गई है। ये नायब तहसीलदार इससे पहले उन्नाव के बीघापुर तहसील में काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि, डौंडियाखेड़ा का किला क्षेत्र जहां शोभन सरकार के स्वप्न के आधार पर खोदाई की जा रही है, वह उनके ही क्षेत्र में शामिल है।
उनके अलावा एक लेखपाल सुल्तानपुर से और एक महिला लेखपाल मुरादाबाद से मेट्रो के कामों के लिए लगाई गई हैं।