स्कूल टाइम में सोशल साइट पर कुछ लोगों के पोस्ट देखे कि वे कैसे जानवरों की मदद करते हैं। इससे वे भी प्रेरित हुए और इसी तरह का कार्य करने वाले विलियम गुड्डन से मिले। आकाश ने कुछ समय तक उनके साथ काम किया। उनसे जाना कि कैसे जानवरों का इलाज किया जाता है और कैसे उनकी देखरेख की जाती है।
उन्होंने बताया कि जिस जानवर की हालत ज्यादा गंभीर हो जाती है उसे बाद में जीव बसेरा अस्पताल में भर्ती करवाते हैं। यहां पर श्वानों का इलाज होता है। वहीं, यदि गाय की हालत गंभीर होती है तो उसे जीव आश्रय में भर्ती करवाते हैं। अब तक कई जानवरों को भर्ती करवा चुके हैं। उन्होंने बताया कि वे इस कार्य को भविष्य में भी जारी रखेंगे।
जानवरों की मदद करने के साथ आकाश मलिन बस्ती के बच्चों को भी पढ़ाते हैं। ‘बदलाव एक कदम शिक्षा की ओर’ के तहत वह आलमबाग स्थित मलिन बस्तियों के गरीब बच्चों को सप्ताह में तीन दिन पढ़ाते हैं। उनको शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराते हैं।
जब बच्चे लिखना-पढ़ना सीख जाते हैं तब उन्हें सरकारी स्कूल में दाखिला कराते हैं। आकाश ने बताया कि शुरू में इस कार्य में दिक्कत आई। पहले जब बच्चों को ढूंढ कर पढ़ाने के लिए बैठाया तो उन्होंने दिलचस्पी नहीं दिखाई। कई भाग भी जाते थे, लेकिन बाद में धीरे-धीरे बच्चे नियमित हुए और पढ़ाई के लिए खुद ही आने लगे। उनको स्वच्छता के बारे में भी जानकारी दी जाती है।