लखनऊ। बज्म-ए-ख्वातीन की ओर से शनिवार को वर्तमान परिस्थिति और समान नागरिक संहिता विषय पर आयोजित गोष्ठी में महिलाओं की समस्याओं और उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता के मसौदे पर विचार विमर्श हुआ।
अमीनाबाद स्थित जनाना पार्क में आयोजित गोष्ठी में बज्म-ए-ख्वातीन की अध्यक्ष बेगम शहनाज सिदरत ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता के मसौदे में लिव इन रिलेशनशिप की धारा पर आपत्ति जताते हुए इसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताया। उन्होंने शरीयत में हस्तक्षेप पर भी चिंता व्यक्त की। कहा कि इस्लाम विरासत कानून के तहत संपत्ति का निष्पक्ष वितरण करता है और महिला पर घर चलाने की जिम्मेदारी नहीं डालता। उन्होंने सरकार से इस मामले पर और अध्ययन करने और मुस्लिम विद्वानों से परामर्श करने की मांग की। आफरीन सिद्दीकी ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। मैमूना खातून ने महिला हिंसा पर चिंता जताई। इस मौके पर रिजवाना, अर्शिया बानो, जैनब फातिमा और सिद्दीका ने भी विचार व्यक्त किए।