लखनऊ। राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान, उत्तर प्रदेश के रजत जयंती समारोह में रविवार को मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 24 राज्यकर्मियों को एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया। लखनऊ विवि के मालवीय सभागार में आयोजित समारोह में दो आईएएस समेत तीन शख्सियतों को साहित्य बंधु पुरस्कार, नौ साहित्यकारों को साहित्य गौरव पुरस्कार, वहीं तीन साहित्यकारों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि राज्य कर्मचारी प्रदेश के विकास में योगदान के साथ साहित्य के क्षेत्र में भी अपनी सेवाएं देकर दोहरी भूमिका निभा रहे हैं, जो कि प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि कुर्सी हमारे ऊपर हावी नहीं होनी चाहिए, हमें कुर्सी पर हावी होना चाहिए। उप मुख्यमंत्री ने संस्थान की पत्रिका अपरिहार्य का विमोचन भी किया। पुरस्कार प्राप्त रचनाकारों के पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
संस्थान की महामंत्री डॉ. सीमा गुप्ता ने संस्थान की यात्रा के बारे में बताया। आईपीएस आरके स्वर्णकार ने सभी रचनाकारों को बधाई दी। शिखा श्रीवास्तव, सरला शर्मा, श्रवण कुमार सेठ, पूर्व जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने काव्यपाठ किया। संचालन सुनील बाजपेई व अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष आईएएस अखिलेश मिश्र ने किया। शोभा दीक्षित ‘भावना’, चंद्रदेव दीक्षित, दिनेश अवस्थी, आदित्य तिवारी, रश्मिशील आदि का भी योगदान रहा।
इन्हें ये मिला
देवरिया के एसडीएम अवधेश निगम को एक लाख रुपये को महावीर प्रसाद द्विवेदी पुरस्कार, रिटायर्ड आईपीएस व पूर्व डीजी रहे जलगुरु महेंद्र मोदी को जोश मलिहाबादी पुरस्कार, गुजरात के डॉ. जशभाई एन. पटेल को शरत चंद्र चट्टोपाध्याय पुरस्कार दिया गया। एक लाख के पुरस्कार पाने वालों में मोहम्मद अली साहिल को भगवती चरण वर्मा पुरस्कार, श्रीनिवास त्रिपाठी को सुमित्रानंदन पंत पुरस्कार, आगरा के डॉ. सोम कुलश्रेष्ठ को भारतेंदु हरिश्चंद्र पुरस्कार, मुरादाबाद के अनुज अग्रवाल को अमृतलाल नागर पुरस्कार, प्रदीप कुमार पांडेय को डॉ. विद्या निवास मिश्र पुरस्कार, वाराणसी की प्रो. रचना शर्मा को श्याम सुंदर दास पुरस्कार, संतोष कुमार तिवारी ‘कौशिल’ को जयशंकर प्रसाद पुरस्कार, कुलदीप किशोर तिवारी ‘कलश’ को शिवमंगल सिंह सुमन पुरस्कार, ऋचा पाठक को हरिवंश राय बच्चन पुरस्कार, गोरखपुर के सौदागर सिंह को रामधारी सिंह दिनकर पुरस्कार, आजमगढ़ के डॉ. शमीम इरशाद आजमी को गालिब पुरस्कार, डॉ. बिन्नो अब्बास रिजवी को फिराक गोरखपुरी सम्मान, रमाशंकर सिंह को अकबर इलाहाबादी पुरस्कार, अशोक पांडेय ‘अनहद’ को प्रताप नारायण मिश्र पुरस्कार, राम लखन यादव को शिव सिंह सरोज पुरस्कार, देवरिया के डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह को महादेवी वर्मा पुरस्कार, गाजीपुर की शमा परवीन को मीर तकी मीर पुरस्कार से नवाजा गया। संस्कृत संस्थान के पूर्व निदेशक दयाशंकर श्रीवास्तव, सुफलता त्रिपाठी, त्रिवेणी प्रसाद दुबे व प्रतापगढ़ के डॉ. जटाशंकर त्रिपाठी को भी एक-एक लाख के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री के सचिव सूर्यपाल गंगवार को साहित्य बंधु पुरस्कार
लखनऊ के पूर्व जिलाधिकारी और अब मुख्यमंत्री के सचिव सूर्यपाल गंगवार को साहित्य बंधु पुरस्कार दिया गया। आईएएस डॉ. वेदपति मिश्रा, लता कादंबरी को भी यही सम्मान मिला। इसके तहत प्रत्येक को 20 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई।
कश्मीर की डॉ. अनिला को साहित्य गौरव सम्मान
कश्मीर की डॉ. अनिला सिंह चाड़क, डॉ. रामकृष्ण लाल जगमग, लोकेश त्रिपाठी, शालिनी पांडेय, संपत्ति कुमार मिश्रा, मुनेंद्र सिंह राठौर, सिराज मंजर काकोरवी, वंदना शुक्ला और प्रदीप सारंग को साहित्य गौरव सम्मान से नवाजा गया। इसके तहत सात हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई।
रत्नदीप, अंशुली व विवेक को प्रशंसा पत्र
रत्नदीप दीक्षित, अंशुल बंसल व विवेक सिंह को पांच हजार रुपये की सम्मान राशि के साथ प्रशंसा पत्र दिया गया।