इंजीनियर्स भवन में आयोजित तकनीकी व्याख्यान
लखनऊ। किसी भी कार्यक्षेत्र में बेहतर परिणाम और मजबूत रिश्तों के लिए केवल अच्छा बोलना ही नहीं, बल्कि सामने वाले की बात को ध्यान से सुनना भी बेहद जरूरी है। सक्रिय रूप से सुनने की आदत टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता और सही निर्णय लेने में अहम भूमिका निभाती है। ये बातें रिवर बैंक कॉलोनी स्थित इंजीनियर्स भवन में आयोजित तकनीकी व्याख्यान में दुबई के नैश इंजीनियरिंग ग्रुप के पूर्व ग्रुप जनरल मैनेजर इं. एमएम खान ने कहीं।
द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) राज्य केंद्र की ओर से द आर्ट ऑफ लिसनिंग (सुनने की कला) विषय पर हो रहे व्याख्यान में वह बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जब हम किसी की बात को पूरी एकाग्रता से सुनते हैं तो इससे आपसी संवाद बेहतर होता है। एक-दूसरे के प्रति भरोसा और कार्यस्थल पर संबंध भी मजबूत होते हैं। कार्यक्रम संयोजक इं. विनोद सक्सेना ने कहा कि ऐसे व्याख्यान अभियंताओं के व्यक्तित्व व पेशेवर कौशल को निखारने में काफी मददगार साबित होते हैं। इस मौके पर इंस्टीट्यूशन के मानद सचिव इं. एनके निषाद समेत अन्य अभियंता मौजूद रहे।
इंजीनियर्स भवन में आयोजित तकनीकी व्याख्यान