शुरू होने से पहले ही सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट इटावा लायन सफारी को बड़ा झटका लगा है। सफारी में कानपुर जू से 50 दिनों पहले ही पहुंची मादा बब्बर शेर लक्ष्मी ने बृहस्पतिवार दोपहर दम तोड़ दिया।
इटावा लॉयन सफारी में लेप्टोस्पाइरोसेस संक्रमण से जूझ रही शेरनी लक्ष्मी को डॉक्टर बचा नहीं सके। नर बब्बर शेर विष्णु के साथ ही बीती 23 सितंबर से वायरल अटैक से जूझ रही लक्ष्मी के शव का पोस्टमार्टम चार डॉक्टरों के पैनल ने किया।
पैनल में कानपुर जू केवन्यजीव चिकित्सक डॉ. आरके सिंह, लखनऊ जू के विकास सिंह, डॉ. आरके गुप्ता और सफारी चिकित्सक डॉ. कुलदीप द्विवेदी रहे। सफारी में अब 7 बब्बर शेर ही बचे हैं।
संक्रमण से जूझ रही लक्ष्मी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सकों ने मौत का कारण मल्टी आर्गन डिस्फंक्शन और कार्डियो रेस्पेरेटरी फेल्योर पाया है।
विष्णु शेर की हालत भी गंभीर
23 सितंबर से बीमारी से जूझ रही मादा शेर लक्ष्मी ने पिछल करीब 12 दिनों से खाना-पीना बिल्कुल छोड़ रखा था। इसका वजन भी लगभग 120 किलो से घटकर 70 किलो तक पहुंच गया था। दोपहर 12.55 बजे लक्ष्मी शेरनी का डॉक्टरों ने मृत घोषित किया।
पीएम के बाद सफारी निदेशक केके सिंह, उप वनसंरक्षक राष्ट्रीय चंबल वन्य जीव विहार आगरा और सफारी के क्षेत्रीय वनाधिकारी, डीएफओ की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक संक्रमण से जूझ रहे नर विष्णु शेर की हालत अभी भी गंभीर चल रही है। उसका इलाज जारी है।
10 सितंबर को सफारी पहुंचे थे लक्ष्मी-विष्णु
कानपुर जू से बीती 10 सितंबर को ही शेरों को इटावा में शिफ्ट किया था। शिफ्ट करते समय दोनों शेरों को काफी चोटें आई थी। लेकिन उसके बाद दोनों ही खतरनाक बैक्टीरिया की चपेट में आ गये। दोनों को ब्रीडिंग सेंटर से निकाल कर सफारी के वेटरनरी हॉस्पिटल में रखना पड़ा।
संक्रमण ठीक नहीं होने पर मथुरा, आगरा, बरेली, लखनऊ, गुजरात आदि कई जगहों के विशेषज्ञ डॉक्टरों का परामर्श लिया गया। आईवीआरआई बरेली समेत कई प्रयोगशालाओं की मदद भी ली गई। मालूम रहे कि अप्रैल 2013 में हैदराबाद से कानपुर जू लाये जाने के दौरान भी दोनों बीमार हुये थे।
लंदन जू के जान क्रैकनल की भी सलाह भी ली गई
विष्णु-लक्ष्मी की बीमारी में देश ही नहीं लंदन जू के नामी वन्यजीव चिकित्सक जान क्रैकनल की भी सलाह भी ली गई।
लेकिन उससे भी कुछ काम नहीं हुआ। उन्हें यहां से कई मेडिकल रिपोर्ट भेजी गई। विभाग उन्हें भारत बुलाना चाह रहा था, लकिन क्रैकनल अन्य प्रोजेक्ट में फंसे होने केचलते आ न सके।