लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर प्रस्तावित ब्रह्मोस मिसाइल की फैक्टरी को लिंक करने वाली पांच सड़कों को नेशनल हाईवे घोषित कर चार लेन किए जाने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा कोनेश्वर चौराहे से दुबग्गा और रायबरेली रोड पर एसजीपीजीआई के सामने फ्लाईओवर के निर्माण कराने की जरूरत पर भी सहमति बनी है।
अब एनएचएआई यहां परीक्षण करा तकनीकी टीम से प्रस्ताव बना जरूरी अनुमति के लिए भेजेगा। निरीक्षण के वक्त परियोजना निदेशक एनएन गिरी और सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी मौजूद रहेंगे।
शनिवार को लखनऊ में एनएचएआई द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा सदस्य आरके पांडेय और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के निजी सचिव वैभव डांगे ने की।
इसमें लखनऊ में विकास कार्यों को पूरा जल्दी कराने के साथ नए प्रोजेक्टों की जरूरत पर भी वार्ता हुई। इस दौरान आउटर रिंगरोड का काम जून 2022 तक पूरा कराने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों को कहा गया है।
अधिकारियों ने कार्यदायी संस्था पीएनसी को सुल्तानपुर रोड से बेहटा रोड के बीच मार्च तक निर्माण पूरा करने को कहा है।
वहीं, बेहटा रोड से सीतापुर रोड के बीच सद्भाव इंफ्रा को जून तक का समय दिया गया है। सीतापुर रोड से कुर्सी रोड के बीच काम कर रही डीआरए अगले महीने नवंबर के अंत तक प्रोजेक्ट को पूरा करेगी।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि ब्रह्मोस फैैक्टरी बन जाने के बाद मोहान रोड, हरौनी रोड, जुनाबगंज रोड, मोहनलालगंज रोड और गोसाईंगंज रोड पर वाहनों की आवाजाही बढ़ जाएगी।
ऐसे में जरूरी है कि इन सड़कों को फोरलेन बनाया जाए। इनको नेशनल हाईवे भी घोषित करने की मांग रखी गई है। यह प्रस्ताव रक्षामंत्री के जरिये भेजा जाएगा।
कोशिश की जाएगी कि इस पर काम भी जल्दी शुरू हो जाए। इससे लखनऊ को औद्योगिक विकास के साथ डिफेंस कॉरिडोर और लॉजिस्टिक पार्क की जरूरतों के मुताबिक भी तैयार किया जा सकेगा।
नवंबर में शुरू होगा बिठौली फ्लाईओवर पर काम
एनएचएआई के परियोजना निदेशक एनएन गिरी ने बैठक में बताया कि सीतापुर हाईवे पर आईआईएम तिराहा, बिठौली पर प्रस्तावित फ्लाईओवर के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने जा रही है। नवंबर में यहां काम शुरू हो जाएगा। वहीं, पीडब्ल्यूडी एनएच के अधिकारी ने बताया कि खुर्रमनगर फ्लाईओवर का टेंडर भी अंतिम चरण में है। यहां भी नवंबर में काम शुरू हो जाएगा।