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UP: पीजीआई में प्रत्यारोपित किए गए ब्रेन डेड डोनर के लिगामेंट, इस उपलब्धि से बना उत्तर भारत का पहला संस्थान

Wed, 30 Apr 2025 05:50 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

एसजीपीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में पहली बार एक ब्रेन डेड डोनर के लिगामेंट का प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया गया। इसी के साथ यह उत्तर भारत का पहला संस्थान बन गया, जहां इस तरह का नवाचार हुआ। यह एलोग्राफ्ट मुंबई के नोवो टिश्यू बैंक से मंगाया गया था।
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पीजीआई लखनऊ - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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राजधानी लखनऊ स्थित संजय गांधी पीजीआई के एपेक्स ट्रामा सेंटर में पहली बार ब्रेन डेड डोनर से लिए गए लिगामेंट (एलोग्राफ्ट) का प्रत्यारोपण किया गया। इसके साथ ही पीजीआई उत्तर भारत का पहला संस्थान बन गया। जहां सर्जरी में ब्रेन डेड व्यक्ति का लिगामेंट लिया गया। विशेष बात यह रही कि सर्जरी भले ही एपेक्स ट्राॅमा सेंटर में हुई हो, लेकिन लिगामेंट मुंबई से मंगाया गया।

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एपेक्स ट्रामा सेंटर की प्रोफेसर पलक शर्मा ने बताया कि आमताैर पर लिगामेंट क्षतिग्रस्त होने पर घायल के शरीर से ही लिगामेंट निकालकर प्रत्यारोपित किए जाते हैं। मोहनलालगंज के निवासी आशीष कुमार सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इससे उनके उसके पैर की हड्डियां (फीमर और टिबिया) टूट गईं थीं।

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इतना ही नहीं घुटने की हड्डी बाहर आ गई थी। युवक के घुटने के चार लिगामेंट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे । एक साथ चार लिगामेंट निकालना संभव नहीं था। ऐसे में ब्रेनडेड व्यक्ति के लिगामेंट लेने का फैसला किया गया। इसके लिए मुंबई स्थित नोवो टिश्यू बैंक एंड रिसर्च सेंटर से ब्रेन डेड व्यक्ति का लिगामेंट मंगाया गया।

टिश्यू बैंक में लिगामेंट प्रिजर्व करके रखा जाता है जो एक से डेढ़ साल तक इस्तेमाल किया जा सकता है। अभी तक उत्तर भारत में इस तरह के सेंटर नहीं खुले हैं। केजीएमयू में जरूर स्किन बैंक की शुरुआत होने वाली है।

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कम दर्द और ऑपरेशन में भर्ती का समय भी रहता है कम

प्रो. पलक शर्मा ने बताया कि डोनर से लिगामेंट (एलोग्राफ्ट) लेने पर मरीज को दर्द कम होता है। सामान्य ताैर पर मरीज की लिगामेंट ही निकाली जाती है। इसकी वजह से ऑपरेशन का समय कम हो जाता है और मरीज को कम समय अस्पताल में रहना पड़ता है।

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इस मामले में पहले फीमर और टिबिया की सर्जरी की गई थी। चोट के कारण, घुटने को स्थिर रखने वाले सभी प्रमुख लिगामेंट फट गए थे। इसके बाद ब्रेनडेड डोनर के लिगामेंट प्रत्यारोपित किए गए। अब मरीज तेजी से स्वस्थ हो रहा है।

सर्जरी करने वाली टीम में ये लोग रहे शामिल

सर्जरी करने वाली टीम में निदेशक टिशू बैंक मुंबई के डॉ. प्रसाद भगुंदे, डॉ. लियाकत, डॉ. अभिषेक, नर्सिंग अधिकारी सचिन, नर्सिंग ऑफिसर लता सचान शामिल रहीं। 

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