लखनऊ। राजधानी के फरीदी नगर स्थित कुर्मी क्षत्रिय महासभा भवन में बृहस्पतिवार को भीष्म जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन हुआ। सरदार पटेल सामाजिक एवं साहित्यिक संगठन की ओर से हुए कार्यक्रम में शामिल बलरामपुर गीतकार कन्हैया लाल मधुर ने कहा कि हमको हजार ख्वाब दिखाती है जिंदगी, दुख दर्द का अहसास कराती है जिंदगी। दुनिया के रंग मंच पे हर रंग में रंग के, न जाने कितने नाच नचाती है जिंदगी।
कानपुर की कवयित्री अंकिता शुक्ला ने पढ़ा कि प्यार तो प्यार है व्यापार न समझना तुम, मेरी चुप्पी को मेरी हार न समझना तुम। मैं अगर चुप हूं तो हालात बुरे हैं मेरे, बुरे हालात है लाचार न समझना तुम। लखनऊ के हास्य कवि चेतराम अज्ञानी ने सुनाया... राजनीत के चक्कर में अब कोई न परो, भाईचारा बढ़ेगा कैसे इसपे ध्यान धरो। गीतकार डॉ. निशा सिंह नवल, बाराबंकी के हास्य कवि प्रमोद पंकज, गीतकार भारती पायल, हास्य कवि गोबर गणेश, डाॅ. सरिता कटियार, गीतकार अजय अटल सहित अन्य ने कविताएं सुनाईं। इस मौके पर एमएलसी अवनीश कुमार सिंह, अध्यक्ष शांति सेवा फाउंडेशन की अध्यक्ष नीलम गंगवार व अन्य शामिल हुए।