लखनऊ। चालक की हत्या कर वाहन लूटने के आरोपी सतीश सिंह उर्फ गुड्डू और आशीष सहाय उर्फ आशू को दोषी ठहराकर एडीजे सोमप्रभा मिश्रा ने आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
कोर्ट में सरकारी वकील नवीन त्रिपाठी ने बताया कि वादी सूर्यभान सिंह ने पांच अगस्त 2002 को गाजीपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह ट्रैवल एजेंसी का काम करते हैं। चार अगस्त को शक्तिनगर में रहने वाले परिचित जयनाथ सिंह के रिश्तेदार बनकर आए आरोपियों ने टाटा सूमो बुक कराई और चालक सईद के साथ गाड़ी लेकर चले गए। अगले दिन चालक सईद का शव बाराबंकी के देवा में पड़ा मिला। सिर में गोली मारकर सईद की हत्या कर गाड़ी लूट ली गई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद आशीष सहाय, सतीश सिंह और विजय मेनन उर्फ पिंटू उर्फ वालिया के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। आरोपी विजय के फरार होने के चलते कोर्ट में अन्य दोनों को दोषी ठहराकर सजा सुनाई।