लखनऊ। विवाद के चलते युवक की हत्या करने के आरोपी शिवशंकर रावत और शिवप्रसाद को दोषी ठहराकर एडीजे अजय श्रीवास्तव ने आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले की सुनवाई के दौरान अन्य आरोपी हनुमान की मृत्यु हो गई थी।
कोर्ट में सरकारी वकील शैलेंद्र यादव ने तर्क दिया कि वादी मनीष कुमार ने निगोहां थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 23 जून 2019 की रात कुछ लोगों ने उसके छोटे भाई सतीश तिवारी के गले पर वार करके हत्या कर दी। मामले की विवेचना के दौरान पता चला कि मृतक की बातचीत आरोपी शिवशंकर की छोटी बहन से होती थी। इसी से नाराज होकर आरोपी शिवशंकर, हनुमान और शिवप्रसाद रावत ने सतीश की हत्या कर दी।