लखनऊ कचहरी ब्लास्ट में आईएम व हूजी के आतंकी तारिक काजमी और मो. अख्तर उर्फ तारिक कश्मीरी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। विशेष न्यायाधीश बबीता रानी ने प्रत्येक पर 5 लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
सोमवार को दोनों आतंकियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सजा सुनाई गई। विशेष न्यायाधीश ने आदेश में कहा कि दोनों आतंकियों ने भारत की अखंडता व संप्रभुता पर हमला किया है।
वर्ष 2007 में हुए ब्लास्ट मामले में विशेष न्यायाधीश बबीता रानी ने 23 अगस्त को जिला जेल में अदालत लगाकर दोनों आतंकियों को दोषी करार दिया था। साथ ही सजा के एलान के लिए 27 अगस्त की तारीख तय की थी।
इस मामले में कुल 44 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। बता दें, वर्ष 2007 में लखनऊ, फैजाबाद व बनारस के कचहरी में हुए ब्लास्ट मामले की जांच के लिए एटीएस का गठन किया गया था। एटीएस का यह पहला मामला है, जिसमें कोर्ट ने सजा सुनाई है।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान एटीएस के एसपीओ अतुल कुमार ओझा ने आतंकियों को मृत्युदंड देने की मांग की। कहा, न्यायपालिका पर हमला करना संसद पर हमले के बराबर है। आतंकियों ने कचहरी को ब्लास्ट करके भारत की संप्रभुता पर हमला किया है।
वहीं, विशेष वकील पीके श्रीवास्तव व एमके सिंह ने भी आतंकियों को मृत्युदंड देने करते हुए कहा कि यह महज संयोग था कि ब्लास्ट में किसी की मौत नहीं हुई, लेकिन आतंकियों का इरादा बेहद खतरनाक था। वे बड़ी संख्या में लोगों को मारकर आतंक का माहौल बनाना चाहते थे।