लखनऊ। भूमि विवाद सुलझाने के लिए घर बुलाकर दोहरा हत्याकांड करने के आरोपी गंगा बख्श सिंह, राम लखन यादव, बाबूराम यादव व विजय यादव को दोषी ठहराकर एडीजे सोमप्रभा ने उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने गंगा बख्श सिंह यादव, राम लखन यादव व बाबूराम यादव को कुल 8500 रुपये और विजय यादव को 7500 रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया है।
कोर्ट में सरकारी वकील नवीन त्रिपाठी ने बताया कि वादी भारत प्रसाद ने 26 जून 2009 को थाना कैंट में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि 26 जून 2009 को उसका पुत्र श्रीराम ये कहकर घर से गया था कि मोहनलालगंज वाली जमीन का विवाद सुलझाने के लिए गंगा बख्श सिंह यादव ने घर पर बुलाया है। इसके बाद श्रीराम अपने दोस्त अशोक निवासी देवी खेड़ा के साथ गंगा बख्श सिंह के घर बलदेव विहार चला गया। काफी देर तक श्रीराम व उसका साथी नहीं लौटा तो वादी ने अपने दूसरे पुत्र मनमोहन व अजीत को गंगा बख्श के घर भेजा। वहां दोनों ने देखा कि गंगा बख्श सिंह व उसके भाई राम लखन यादव व बाबू यादव तथा उनके पिता रामदत्त ने श्रीराम व अशोक की अपने घर में हत्या कर दी है। दोनों के शव गंगा बख्श के घर में ही पड़े थे। आरोप लगाया कि भूमि विवाद को लेकर आरोपियों ने श्रीराम और अशोक की हत्या कर दी है।