फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नौ साल बाद आया फैसला, दुराचारी को आजीवन कारावास

विज्ञापन
कोर्ट ने दुराचारी को सुनाई सजा। (फोटो ः प्रतीकात्मक) - फोटो : ??? ?????
विज्ञापन
घर के सामने खेल रही तीन साल की बच्ची को घर ले जाकर दुराचार करने वाले विकास कोरी को पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अरविंद मिश्रा ने आजीवन कारावास की सजा के साथ 25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
विज्ञापन

कोर्ट ने जुर्माने की रकम प्रतिकर के रूप में पीड़िता को देने का आदेश दिया है। कोर्ट में सरकारी वकील सुखेंद्र प्रताप सिंह और अभिषेक उपाध्याय ने तर्क दिया कि घटना की रिपोर्ट बच्ची के पिता ने 26 जुलाई 2013 को बंथरा थाने में दर्ज कराई थी।
इसमें कहा गया था कि घटना के दिन उसकी तीन वर्षीय बेटी घर के सामने खेल रही थी। इस बीच मकान के सामने रहने वाला विकास कोरी उसकी बेटी को बहलाफुसलाकर अपने घर ले गया और बुरा काम किया।
विज्ञापन

बेटी के चिल्लाने की आवाज सुनी तब उसने घर के बाहर जाकर देखा तो बेटी विकास के घर से रोते हुए आ रही थी। पुलिस ने 28 जुलाई 2013 को विकास कोरी को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले में अभियुक्त को सजा कराने के लिए बच्ची का बयान और अभियुक्त की ओर इशारा करके उसे पहचानना ही मुख्य साक्ष्य रहा।
दुराचार के आरोपी को जमानत नहीं
नौकरी के काम से शहर के बाहर ले जाकर धोखे से बलात्कार करने और फोटो खींचकर ब्लैकमेल करने के आरोपी राकेश कुमार सिंह राठौर की जमानत को एडीजे सोमप्रभा मिश्र ने खारिज कर दिया। सरकारी वकील ज्वाला प्रसाद ने बताया कि वादिनी ने गुडंबा में 20 अक्तूबर 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि आरोपी की कंपनी में नौकरी का विज्ञापन देखकर वादिनी ने संपर्क किया था। इस पर आरोपी ने उसे अपनी कंपनी में निदेशक बनाने के लिए बुलाया। आगे बताया कि निदेशक बनाने के बाद आरोपी 18 जून 2019 को वादिनी को वाराणसी कार्यालय दिखाने ले गया, जहां रिवॉल्वर दिखाकर बलात्कार किया और नशीला पदार्थ खिलाकर फोटो खींचकर ब्लैकमेल करने लगा। यही नहीं, आरोपी ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर वादिनी को 11 लाख का लोन दिलवाया और सारा पैसा हड़प लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें