लखनऊ। जालसाजों ने हजरतगंज के गुलमोहर अपार्टमेंट निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल शांतनु रस्तोगी की 76 वर्षीय मां विजय लक्ष्मी रस्तोगी को तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा और फिर धमकाकर 1.50 लाख रुपये वसूल लिए। पीड़िता ने सोमवार को हजरतगंज थाने में केस दर्ज कराया है।
इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह ने बताया कि लेफ्टिनेंट कर्नल शांतनु रस्तोगी गंगटोक (सिक्किम) में तैनात हैं। अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 202 में उनकी मां विजय लक्ष्मी अकेली रहती हैं। एक जुलाई को उनके पास दो अनजान नंबरों से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को अंधेरी पुलिस स्टेशन (मुंबई) का अधिकारी बताते हुए लक्ष्मी से कहा कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल गलत गतिविधियों में हुआ है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है।
इसके बाद जालसाजों ने विजय लक्ष्मी को तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखते हुए धमकाया। फिर गिरफ्तारी से बचाने के लिए रुपये मांगे। सहमी विजय लक्ष्मी ने एचडीएफसी का 1.5 लाख रुपये और एसबीआई का 2.5 लाख रुपये का चेक जालसाजों के बताए खाते में लगा दिया।
एचडीएफसी में लगाया चेक क्लीयर हो गया, लेकिन एसबीआई में लगाए चेक से भुगतान नहीं हुआ। 1.5 लाख रुपये मिलने के बाद जालसाजों ने विजय लक्ष्मी से संपर्क बंद कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने बेटे को जानकारी दी। हजरतगंज थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया। इंस्पेक्टर हजरतगंज ने बताया कि साइबर क्राइम सेल की मदद से जालसाजों का पता लगाया जा रहा है।
बेटे से बात भी नहीं करनी दी
जालसाजों ने विजय लक्ष्मी को इतना डरा दिया था कि तीन दिन तक उन्होंने किसी से बात नहीं की। जब बेटे ने उनसे संपर्क करने का प्रयास किया तो जालसाजों ने विजय लक्ष्मी को फोन भी नहीं उठाने दिया। इंस्पेक्टर हजरतगंज ने बताया कि दोनों नंबरों की डिटेल खंगाली जा रही है। जिन खातों में रुपये ट्रांसफर किए गए, उनकी जानकारी लेने के लिए बैंक से संपर्क किया गया है।
ऐसे बचें डिजिटल अरेस्ट से
आपके पास अनजान नंबर से कॉल आए तो सावधान हो जाएं। फोन करने वाला शख्स यह कहता है कि आपके नाम से पार्सल बुक है। कस्टम विभाग ने पकड़ा है। केस दर्ज कर कर कार्रवाई की जा रही है....तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ये कॉल साइबर ठग की होती है। तत्काल पुलिस से शिकायत करें।
यहां करें शिकायत
आप ठगी का शिकार होते हैं तो साइबर क्राइम थाने, साइबर सेल, लोकल पुलिस स्टेशन, टोल फ्री नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in वेबसाइट के जरिये शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
शहर में पहले भी हो चुकी है ऐसी घटनाएं
- विकासनगर में सेवानिवृत्त वरिष्ठ बैंककर्मी को 51 दिन डिजिटल अरेस्ट कर 2.75 करोड़ रुपये की ठगी।
- इंदिरानगर के लक्ष्मणपुरी विस्तार निवासी निजी कॉलेज की प्रोफेसर प्रमिला मानसिंह से 78.50 लाख रुपये हड़पे।
- कनाडा निवासी सुमन कक्कड़ व उनकी बहन से 1.88 करोड़ रुपये वसूले।
- बाजारखाला के ऐशबाग निवासी सरकारी बैंक के पूर्व कर्मचारी प्रभात कुमार से 1.20 करोड़ हड़पे।
- एसजीपीजीआई की महिला डॉक्टर रुचिका टंडन से 2.81 करोड़ रुपये वसूले।
- हजरतगंज के अशोक मार्ग पर रहने वाले डॉक्टर पंकज रस्तोगी की पत्नी दीपा से 2.71 करोड़ की ठगी हुई।
- हजरतगंज निवासी मरीन इंजीनियर एके सिंह से 84 लाख रुपये की ठगी हुई।
- ठाकुरगंज के पंचायती राज विभाग से रिटायर कमल कांत मिश्रा से 17.50 लाख रुपये वसूले।