रायबरेली। मरीजों को भर्ती करके इलाज करने का लाइसेंस लेकर फर्जी डॉक्टर बनकर सिजेरियन प्रसव के बाद हरचंदपुर के उपमा सरजूरानी पाली क्लीनिक का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। टेक्नीशियन ने प्रसूता को बेहोशी की दवा दी थी और उसी ने सिजेरियन प्रसव भी कर दिया था। इसके बाद नवजात की मौत हो गई थी। अस्पताल को बंद कर दिया गया है।
मामले में संचालक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज है। आरोपी संचालक फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
हरचंदपुर गांव निवासी आनंद मोहन श्रीवास्तव की पत्नी विशाखा (25) का बीती 22 अप्रैल को उपमा सरजूरानी पाॅली क्लीनिक हरचंदपुर में सिजेरियन प्रसव किया गया था। प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई थी। जांच में पकड़ में आया कि अस्पताल के संचालक नीरज श्रीवास्तव व उसकी पत्नी प्रियांशी ने डॉक्टर बनकर प्रसूता का ऑपरेशन किया था।
नवजात की मौत के बाद अस्पताल को लेकर बवाल के बाद संचालक के खिलाफ हरचंदपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले की जांच भी एसीएमओ डॉ. अरविंद कुमार की टीम कर रही है। घटना के बाद अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को प्रतिबंधित कर दिया गया था। अब उसके लाइसेंस को निरस्त करके अस्पताल को बंद करने के आदेश दिए गए हैं।
पोस्टमार्टम में खुलासा, सर्जरी के बाद शरीर में फैल गया संक्रमण
शहर के नेहरू नगर स्थित महावीर अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की मौत के बाद संचालक की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। प्रसूता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। प्रसूता के शरीर में संक्रमण (सेप्टीसीमिया) बढ़ने के बाद मौत हुई है। सिजेरियन प्रसव के बाद इलाज में बरती गई लापरवाही के कारण शरीर में संक्रमण फैलने की आशंका है। जांच जारी है। पीड़ित ने अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जांच भी कराने की मांग की है।
अमेठी जिले के मिया का पुरवा निवासी रवींद्र कुमार की भाभी सन्नो मौर्या का सिजेरियन प्रसव महावीर हॉस्पिटल में एक मई को हुआ था। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। मामले की जांच हो रही है। महिला चिकित्सक डॉ. सुधा व बेहोशी के चिकित्सक डॉ. शिव प्रकाश ने बयान दर्ज किए गए है। प्रसूता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। शरीर में संक्रमण फैलने के कारण मौत की पुष्टि हुई है। जांच अधिकारी व एसीएमओ डॉ. अरविंद का कहना है कि शरीर में संक्रमण क्यों फैला, इसकी जांच की जा रही है। जल्द ही जांच पूरी की जाएगी।
उपमा सरजूरानी पाली क्लीनिक हरचंदपुर के लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया है। 30 अप्रैल तक नवीनीकरण के लिए आवेदन भी नहीं किया गया। महावीर हॉस्पिटल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण संक्रमण आया है। जल्द ही दोनों जांचें पूरी कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ