लखनऊ में हजरतगंज के गोखले मार्ग स्थित लेवाना सुइट्स में सोमवार को अग्नि कांड में चार लोगों ने अपनी जान गवा दी। ऐसे में मंगलवार को सराय फाटक निवासी गुरनूर व सहिबा एक साथ अग्नि के हवाले, तो श्राविका की मौत से परिजन स्तब्ध दिखे, तो पूरे इलाके में चर्चा रही।
चार सितंबर को गुरनूर-साहिबा की सगाई के एक साल हुए थे। दोनों काफी खुश थे, ऐसे में दोस्तों के साथ पार्टी करने के लिए तय किया। गुरनूर ने लेवाना सुइट्स में रविवार रात को पार्टी रखी। गुरनूर साहिबा के लिए गिफ्ट व बुके लेकर पहुंचा और सभी दोस्त भी धीमें-धीमें आ गए। इसके बाद सभी लोग जश्न मनाने के लिए होटल में चले गए थे। देर रातल करीब दो बजे तक जश्न चला, तो गुरनूर ने कहा घर जाउंगा मम्मी डिस्टर्ब हो जाएंगी। ऐसे में गुरनूर ने वहीं कमरा लिया और रुक गया। गुरनूर का साथ देने के लिए साहिबा ने भी रुकने का फैसला लिया।
परिजनों ने बताया की सुबह सोशल मीडिया के माध्यम से होटल में आग लगने की सूचना मिली, लेकिन जबतक सब लोग पहुंचते बहुत देर हो चुकी थी। सोमवार को देर रात शव घर पहुंचा, तो आखिरी बार देखने के लिए इलाके वाले एकत्रित हो गए। मंगलवार को सराय फाटक इलाके में रोजाना की तरह माहौल देखने को नहीं मिला। हर कोई गुरनूर व साहिबा के परिजनों को सहारा देने के लिए पहुंच रहे थे। कोई छज्जे पर खड़ा होकर, तो कोई गेट पर खड़ा हुआ था। इस दौरान सभी की आँखे नम दिखी। इसके बाद दोनों बैकुंठ धाम में एक साथ दाह संस्कार कर दिया गया।
दाह संस्कार के बाद कार व सामान लेन के लिए पहुंची बहन
दाह संस्कार के बाद होटल में रखा दोनों का सामान लेने के लिए गुरनूर की बहन, जीजा व अन्य परिजन पहुंचे। इस दौरान बहन व सभी लोग कमरे को बुके व अन्य सामान देखकर रोने लगे। किसी तरह परिजनों ने बहन व अन्य को संभाला और सामान लेकर घर को निकले।
श्राविका की मौत से परिजन स्तब्ध, इलाके में रही चर्चा
होटल में जान गवाने वाली श्राविका का शव मंगलवार की सुबह जब इंदिरानगर स्थित घर पहुंचा, तो परिजन स्तब्ध दिखे। कोई भी इस तरह से मौत हो गई, विश्वास करने को तैयार नहीं हो रहे थे। हालांकि धीमें-धीमें रिश्तेदार भी पहुंचने लगे। श्राविका के बाबा के ऊंची पोस्ट से रिटायर्ड हुए थे। ऐसे में उनके साथ के सभी अधिकारी मौत की खबर सुनने के बाद सहारा देने के लिए पहुंचने लगे। दूसरी तरफ पूरे इलाके में लोग चर्चा करते दिखे। सभी श्राविका के व्यवहार के बारे में बात कर रहे थे। सभी से हंसकर बात करना, किसी का भी बच्चा हो उसको खिलाने लगना और इतना कहते ही आँखों में आंसू आ गए।
शव रखा और बिजली का बिल निकालने पहुंचा बिजली कर्मी
श्राविका का शव घर पहुंच चुका था। घर में सभी लोग सन्नाटा पसरा हुआ था, तभी बिजली कर्मचारी बिजली का बिल निकालने पहुंच गया। ऐसे में वहां बैठे सभी लोग उसको गुस्से से देखने लगे, तो वह पीछे हटा और गुस्से का कारण पूछा। इस पर सभी ने शव दिखाया। ऐसे में कर्मचारी ने तुरंत माफी मांगी और वहां से तेजी से भागा।