परिवहन विभाग का मामला
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय व युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय के सहयोग से ‘सड़क सुरक्षा मित्र कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसके तहत युवाओं को सड़क सुरक्षा से जोड़ा जाएगा। उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। इस बाबत परिवहन आयुक्त की ओर से मंगलवार को लखनऊ सहित प्रदेश के चयनित 28 जिलों के डीएम को पत्र भेजे गए हैं।
परिवहन आयुक्त बीएन सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य माई भारत प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से युवाओं को सड़क-सुरक्षा के प्रति जागरुक कर हादसों को कम करना है। पहले चरण में देश के सौ चयनित जनपदों में क्रियान्वयन होगा। संबंधित जिला अधिकारियों से युवाओं के समन्वित जुड़ाव व प्रगति-रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है। 18–28 वर्ष के ऐसे युवा जिनके चालान लंबित न हों, इस कार्यक्रम के लिए चुने जाएंगे। सामान्य स्वयंसेवकों के लिए फर्स्ट एड सहित एक सप्ताह का प्रशिक्षण होगा तथा सिविल इंजीनियर स्नातकों के लिए 15 दिन का रोड सेफ़्टी ऑडिट प्रशिक्षण होगा। इसमें उन्हें क्रैश सीन, रोड सेफ़्टी ऑडिट, ब्लैकस्पॉट अध्ययन आदि की जानकारी दी जाएगी। उत्कृष्ट कार्य पर प्रमाणपत्र व गुड सेमेरिटन पुरस्कार का भी प्रावधान है। कार्यक्रम की देखरेख प्रत्येक जिले में जिला सड़क सुरक्षा समिति करेगी। उन्होंने आगे बताया कि सड़क सुरक्षा मित्र युवाओं की ऊर्जा को सड़क-सुरक्षा के ठोस परिणामों में बदलने का राष्ट्रीय प्रयास है। प्रदेश के चयनित 28 जनपदों लखनऊ, कानपुर नगर, बुलंदशहर, प्रयागराज, आगरा, उन्नाव, हरदोई, मथुरा, अलीगढ़, फतेहपुर, सीतापुर, बरेली, गोरखपुर, कुशीनगर, बाराबंकी, जौनपुर, बदायूं, बिजनौर, गौतमबुद्धनगर, सहारनपुर, आज़मगढ़, मैनपुरी, फ़िरोज़ाबाद, रायबरेली, सोनभद्र, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, बस्ती के जिलों को डीएम को पत्र भेजकर कार्य करने को कहा गया है।