लखनऊ। केंद्र सरकार की ओर से 8 जून से इबादतगाहों को खोले जाने के निर्णय के बाद इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने एडवाइजरी जारी करते हुए मस्जिद में भीड़ जमा न होने की अपील की। मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि 10 वर्ष से कम और 65 वर्ष से अधिक उम्र वाले मस्जिद न आएं। इस्लामिक सेंटर के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि 15 दिन तक हालात का जायजा लिया जाएगा। अगर कोई तबदीली होगी तो दोबारा एडवायजरी जारी की जा सकती है। इबादतगाहों के खुलने पर इन बातों का रखे ख्याल - मस्जिद में किसी भी समय भीड़ जमा न होने दें। - 10 वर्ष से कम और 65 वर्ष से अधिक आयु वाले मस्जिद न जाएं और घर पर ही नमाज अदा करें। - मस्जिद में सिर्फ फर्ज नमाज जमाअत के साथ अदा की जाये। सुन्नतें और नफल अपने अपने घर पर अदा करें। - हर समय की नमाज के लिए हर मस्जिद में 4 जमाअतें अलग अलग 15-15 मिनट के अन्तर के साथ अदा की जायें। - हर नमाज की पहली जमाअत अव्वल समय ही में अदा कर ली जाए ताकि बाद की जमाअतों में कोई परेशानी न हो। - जुमे की नमाज के लिए भी अलग अलग 4 जमाअतों का एहतिमाम किया जाए। - जुमे का खुतबा छोटा दिया जाए और उर्दू में तकरीर न की जाए। - वुजू घर से ही करके जाएं। - नमाज मास्क लगाकर अदा करें। - नमाज में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पूरा ख्याल रखा जाए और 2 नमाजियों के बीच में 6 फीट का फासला रखा जाए। - मस्जिद के कालीन और चटाईयों को हटा दिया जाए। - हर नमाज से पहले फर्श को फिनाइल या डिटॉल से साफ किया जाए और फर्श पर ही नमाज अदा की जाए। - वुजू खाने में साबुन रखा जाए और वुजू करते समय साबुन से हाथ जरूर धोया जाए। - मस्जिद में रखी हुई टोपियों का इस्तिेमाल न करें बल्कि अपनी टोपी खुद ले जायें। - मस्जिद में दाखिल होने या बाहर निकलते समय भीड़ न लगायें। - न किसी से गले मिलें और न हाथ मिलाएं।