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Lucknow News: आयुर्वेद कॉलेज में दवाएं कम, दर्द ज्यादा

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राजकीय आयुर्वेद कॉलेज।
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लखनऊ। टूड़ियागंज स्थित राजकीय आयुर्वेद कॉलेज में दवाएं कम होने से मरीजों का दर्द बढ़ रहा है। मरीजों को सिर्फ एक-दो दवाएं ही मिल पा रही हैं। इससे उन्हें महंगी दर पर दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। अस्पताल प्रशासन ने बजट न होने की वजह से यह स्थिति होने की बात कही है।
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कॉलेज की ओपीडी में रोजाना चार सौ से पांच सौ मरीज पहुंचते हैं। यहां ओपीडी में मरीजों को एक या दो सामान्य दवाएं ही उपलब्ध कराई जा रही हैं। कई गंभीर बीमारियों के लिए जरूरी दवाएं स्टॉक में नहीं हैं। इस प्रशासनिक अनदेखी का खामियाजा सीधे तौर पर मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। उन्हें न केवल शारीरिक कष्ट झेलना पड़ रहा है, बल्कि आर्थिक रूप से भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सोमवार को इलाज कराने आई जूही शर्मा, अंजू, राजकुमार सहित कई मरीजों को एक या दो दवाएं ही मिलीं।

बाहर से दवाई का खर्च तीन हजार से पांच हजार

मरीजों ने बताया कि कॉलेज में दवाएं न मिलने पर उन्हें निजी मेडिकल स्टोर जाना पड़ता है। वहां एक महीने की दवाओं का खर्च तीन से पांच हजार रुपये आता है। सूत्रों के अनुसार, कॉलेज के पास करीब 70 प्रकार की दवाएं होनी चाहिए, लेकिन इस समय उन्हें केवल पांच से सात प्रकार की दवाएं ही मिल पा रही हैं। इस वजह से हर मरीज की बीमारी के हिसाब से सिर्फ एक से दो दवाएं ही हिस्से में आ रही हैं।
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कोट

मई-जून से बजट नहीं मिला है। इससे दवाएं मिलने में कुछ समस्या आ रही है। पत्राचार किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध होंगी।
- डॉ. दिनेश कुमार, प्राचार्य, राजकीय टूड़ियागंज आयुर्वेद कॉलेज
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