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बिजली ओवर लोड पर लेसा डाल रहा डाका

Sun, 04 Aug 2013 12:08 AM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
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स्वीकृत लोड से अधिक बिजली उपयोग करने वालों से लखनऊ इलेक्ट्रिक सप्लाई अथॉरिटी (लेसा) सीधे तौर पर निपट रहा है।
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इस व्यवस्था के तहत अधिक विद्युत इस्तेमाल पर बिल के साथ जुर्माना भी खुद-ब-खुद जुड़ जाता है।

यानी अब कम लोड का कनेक्शन लेकर उपभोक्ता मनमाने तरीके से बिजली का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।

एचसीएल कंपनी ने बिलिंग साफ्टवेयर में ही प्रावधान कर दिया कि उपभोक्ता के अधिकतम विद्युत लोड को सिस्टम में अपलोड कर दिया जाए तो बिल में तब तक जुर्माना खुद-ब-खुद जुड़ता रहेगा जब तक लोड नहीं बढ़वाएगा।

जानकारों के अनुसार लेसा का यह तरीका विद्युत नियामक आयोग के आदेशों का खुला उल्लंघन हैं। फिर भी कई बार नोटिस भेजने की तुलना में लेसा के लिए यह व्यवस्था काफी बेहतर है।
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इसके लिए डोर टू डोर मीटर रीडिंग दर्ज करने के दौरान बिलिंग एजेंसी के कर्मी अधिकतम विद्युत लोड को भी नोट कर लेते हैं। इसके बाद इस लोड को एचसीएल के सिस्टम पर अपलोड कर दिया जाता है।

इसके बाद से जब-जब एजेंसी कर्मी मीटर रीडिंग दर्ज कर बिल बनाते हैं अधिकतम लोड से अधिक उपयोग मिलते ही जुर्माना खुद-ब-खुद जुड़ जाता है।

एजेंसी कर्मियों के अनुसार राजधानी में कई हजार उपभोक्ताओं से स्वीकृत से अधिक विद्युत लोड उपभोग करने पर जुर्माना वसूला जा रहा है। बिल में यह रकम एमडी पेनाल्टी (अधिकतम विद्युत लोड डिमांड) के रूप में जुड़ रही है।
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ऐसे लगा रहे जुर्माना
एचसीएल का साफ्टवेयर अधिकतम विद्युत लोड का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं बिल में जुर्माने की रकम जोड़ देता है। जुर्माने की गणना दो तरीके से होती है।

कंप्यूटर महोदय पहले तो उपभोक्ता के अधिकतम विद्युत लोड पर फिक्स चार्ज की गणना करते हैं, फिर स्वीकृत विद्युत लोड पर फिक्स चार्ज की। इसके बाद दोनों फिक्स चार्ज को जोड़ देते। कुल फिक्स चार्ज ही अधिकतम विद्युत लोड का जुर्माना (एमडी पेनाल्टी) होता है।
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