बलरामपुर में मांगलिक कार्यक्रम से भोजन करके सहेलियों के साथ घर आ रही सात वर्षीय बच्ची को दबोच कर तेंदुआ जंगल की तरफ ले उड़ा। दोनों सहेलियों ने तेंदुए से जान बचाकर घर पहुंचने पर परिवारीजनों को घटना की जानकारी दी। घटना सुनकर परिवारीजनों के होश फाख्ता हो गए। बेटी की तलाश में परिवारीजनों के साथ-साथ पुलिस व वन विभाग की टीम खाक छान रही है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम जांच-पड़ताल कर रही है।
हरैया थाना क्षेत्र के बिनोहनी कला निवासी माता प्रसाद यादव ने बुधवार को बताया कि बीती शाम करीब 8.30 बजे उनकी सात वर्षीय बेटी शीला पड़ोसी राजितराम यादव के घर बरही कार्यक्रम में भोजन करके सहेली निर्मला (14) व पूजा (15) के साथ घर आ रही थी तभी गली में पहले से ही घात लगाए बैठे तेंदुए ने शीला पर झपट्टा मारकर दबोच लिया और जंगल की तरफ भाग गया।
शीला के दादा छेदी व ग्रामीण जगदीश, विद्याराम, भगवती प्रसाद, अतवारी, संगमलाल व प्रधानपति मोहर्रम अली आदि ने वन विभाग, पुलिस कर्मियों व ग्रामीणों के साथ जंगल के आस पास बच्ची की तलाश की। परिवारीजनों का आरोप है कि 24 घंटे बाद भी शीला का कोई पता नहीं चल सका है। अभी भी सभी लोग शीला की तलाश में जुटे हुए हैं।
शीला की घटना को लेकर परिवार के लोगों का हाल बेहाल है। घर की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है। वन रक्षक जमील अहमद, हरैया थाने के एसआई नागेन्द्र यादव पुलिस फोर्स के साथ शीला की तलाश में जुटे हुए है।
रेंजर बरहवा राकेश सिंह ने बताया कि तेंदुए का कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है। कौन सा जंगली जानवर शीला को उठाकर ले गया है इस बात की जांच-पड़ताल कराई जा रही है। शीला के मिलने पर ही वन विभाग के अधिकारी कुछ भी कहने की बात कह रहे हैं। वैसे वन विभाग की टीम ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दे रही है।