एसडीओ यशवंत सिंह ने बताया कि तेंदुआ एक्सप्रेस वाहन से ग्रामीणों को त्वरित इलाज का भी लाभ मिलेगा। तेंदुए के हमले में घायल होने वाले ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार देने के बाद हालत देखकर सीएचसी या जिला अस्पताल रेफर किया जाएगा।
इन रेंज के गांवों में जाएगा तेंदुआ एक्सप्रेस
मामले पर डीएफओ कतर्नयाघाट जीपी सिंह का कहना है कि बदल रहे मौसम में ग्रामीणों को तेंदुओं के हमले से बचाव व संघर्ष को रोकने के लिए संरक्षित वन क्षेत्र के सभी रेंजों को कार्यक्रम के लिए चुना गया है। इनमें कतर्नियाघाट, ककरहा, मुर्तिहा, निशानगाड़ा, धर्मापुर, मोतीपुर और सुजौली रेंज शामिल हैं। इन रेंज से सटे गांवों में शिविर लगेंगे।