फरवरी व मार्च माह में हुई ओला व अतिवृष्टि से नष्ट हुई फसलों का मुआवजा बांटने गए लेखपाल को ग्रामीणों ने बंधक बना दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि लेखपाल ने गांव के ऐसे लोगों के नाम चेक बनाए हैं, जिनके पास जमीन ही नहीं है।
यही नहीं लेखपाल ने गांव के एक परिवारक के आठ लोगों के नाम 50 हजार से ज्यादा का चेक बना दिया। सूचना मिलते ही तहसीलदार और नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने ग्रामीणों को पूरे प्रकरण की जांच कराकर दोषी पाए जाने पर संबंधित लेखपाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और गांव के सभी पात्रों को मुआवजे का चेक देने का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीण शांत हुए।
फरवरी व मार्च माह में ओला व अतिवृष्टि से नष्ट हुई फसलों के बाद शासन की ओर से किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है। चेक वितरण शुरू होने के बाद से ही तहसील के लेखपालों पर चेक वितरण में अनियमितता बरतने का आरोप लग रहा है।
मंगलवार को ब्लॉक क्षेत्र भेटुआ के गांव कोरारी लच्छनशाह में हलका लेखपाल रमेश शुक्ल गांव में मुआवजे का चेक बांटने पहुंचे थे। चेक बांटे जाने की सूचना मिलते ही ग्रामीण एकत्र हो गए।