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विधान परिषद चुनाव : भाजपा ने चार सीटों पर परचम फहराया, निर्दलीय राज बहादुर फिर जीते

Fri, 03 Feb 2023 04:33 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

विधान परिषद चुनाव की मतगणना बृहस्पतिवार सुबह 8 बजे से शुरू हुई थी। करीब 20 से 24 घंटे तक चली मतगणना के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने शुक्रवार को परिणाम घोषित किया।
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विस्तार
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विधान परिषद की शिक्षक एवं स्नातक खंड क्षेत्र के चुनाव में भाजपा ने पांच में से चार सीटों पर परचम फहराया है। वहीं एक सीट पर निर्दलीय ने कब्जा बरकरार रखा है। गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक खंड, बरेली-मुरादाबाद स्नातक खंड, कानपुर स्नातक खंड और शिक्षक खंड क्षेत्र में इलाहाबाद-झांसी सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। कानपुर-उन्नाव शिक्षक खंड में निर्दलीय ने बाजी मारी है। निकाय चुनाव से पहले हुए विधान परिषद चुनाव में भाजपा ने चार सीटें जीतकर भगवा माहौल बनाया है। वहीं विधान परिषद में प्रमुख विपक्षी दल का दर्जा हासिल करने के लिहाज से चुनाव मैदान में उतरी सपा को झटका लगा है। पांच में से एक भी सीट पर सपा के प्रत्याशी नहीं जीते है।

 

विधान परिषद चुनाव की मतगणना बृहस्पतिवार सुबह 8 बजे से शुरू हुई थी। करीब 20 से 24 घंटे तक चली मतगणना के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने शुक्रवार को परिणाम घोषित किया। गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक खंड से भाजपा के देवेंद्र प्र्रताप सिंह, कानपुर स्नातक खंड से भाजपा के अरुण पाठक और बरेली-मुरादाबाद स्नातक खंड से भाजपा के जयपाल सिंह व्यस्त विजयी हुए है। इलाहाबाद-झांसी शिक्षक खंड से भाजपा के बाबूलाल तिवारी ने निर्दलीय समूह के सुरेश कुमार त्रिपाठी को चुनाव हराया। वहीं कानपुर-उन्नाव शिक्षक खंड से निर्दलीय राज बहादुर सिंह चंदेल ने भाजपा के वेणुरंजन भदौरिया को चुनाव हराकर सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। 

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गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक खंड, कानपुर स्नातक खंड, बरेली-मुरादाबाद स्नातक खंड सीट पहले भी भाजपा के पास थी। तीनों सीटों पर भाजपा के वर्तमान एमएलसी चुनाव जीतकर आए है। वहीं शिक्षक खंड इलाहाबाद-झांसी पर भाजपा के बाबूलाल तिवारी ने तीन बार से एमएलसी शिक्षक दल गैरराजनीतिक के सुरेश कुमार त्रिपाठी को चुनाव हराया। विधान परिषद के नवनिर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल 13 फरवरी से शुरू होगा। परिणाम के बाद अब विधान परिषद में भाजपा की सदस्य संख्या अब 75 से बढ़कर 76 हो जाएगी। जबकि शिक्षक दल गैर राजनीतिक में एक मात्र सदस्य रह जाएंगे। 

सपा को नहीं मिलेगा नेता प्रतिपक्ष का पद
विधान परिषद में समाजवादी पार्टी को नेता प्रतिपक्ष का पद हासिल करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। नियमानुसार नेता प्रतिपक्ष के लिए प्रमुख विपक्षी दल के सदस्यों की संख्या सदन की कुल सदस्य संख्या का न्यूनतम दस फीसदी होनी चाहिए। 100 सदस्यीय विधान परिषद में अभी सपा के मात्र 9 सदस्य है। जबकि नेता प्रतिपक्ष बनाने के लिए न्यूनतम दस सदस्य होना अनिवार्य है। समाजवादी पार्टी ने विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष का पद हासिल करने के लिए सभी पांच सीटों पर प्रत्याशी उतारकर चुनाव में पूरी ताकत लगाई थी। लेकिन सपा का एक भी उम्मीदवार चुनाव नहीं जीतने के कारण सपा को नेता प्रतिपक्ष का पद नहीं मिलेगा।

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विधान परिषद में अब दलीय स्थिति
भाजपा - 76
समाजवादी पार्टी - 09
बसपा - 01
अपना दल - 01
निषाद पार्टी - 01
जनसत्ता दल लोकतांत्रिक - 01
शिक्षक दल गैरराजनीतिक - 01
निर्दलीय समूह - 02
निर्दलीय - 02
रिक्त पद - 06

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