प्रदेश में हर साल डेंगू समेत अन्य मच्छर जनित बीमारियों का ग्राफ बढ़ने के मद्देनजर शहरी क्षेत्रों गंदगी, जलभराव व नालियों में गंदगी फैलाने और मच्छर जनित स्थितियां पैदा करने वाले लोगों पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी है। सरकार ने नगर निगम अधिनियम के प्रावधान के मुताबिक सभी निकायों में उपविधि लागू करने का फैसला किया है। उपविधि के लागू होने के बाद मच्छर जनित स्थितियां पैदा करने वाले भवन स्वामियों पर दंड लगाने समेत अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। फिलहाल यह उपविधि सभी नगर निगमों में लागू की जाएगी।
पिछले कई साल की तुलना में इधर दो-तीन वर्षों के दौरान डेंगू का प्रकोप जहां बढ़ा है, वहीं मच्छर जनित अन्य बीमारियों से पीड़ितों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इसकी मुख्य वजह गंदगी, जलभराव, नालियों की समुचित सफाई न होना और खुलेआम कूड़ा फेंके जाना है। इस संबंध में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग भी लगातार नगर विकास विभाग को पत्र लिखकर गंदगी करने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध करता रहा है।
इसी कड़ी में नगर विकास विभाग की ओर से सभी जिलों के डीएम व निदेशक स्थानीय निकाय के अलावा सभी नगर आयुक्तों को मच्छर जनित स्थितियां पैदा करने वालों के खिलाफ नोटिस जारी कर कानूनी कार्रवाई करने के लिए नगर निगम अधिनियम में दिए गए अधिकारों का प्रयोग करते हुए उपविधि बनाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया हैं।