बिजली कनेक्शन (सांकेतिक तस्वीर)
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राजधानी लखनऊ में बिजली विभाग के दुबग्गा उपखंड के जिम्मेदारों के नकारापन के कारण एक उद्यमी का गौशाला व कारखाना खोलने का सपना अधूरा रह गया। यह उद्यमी 19 अगस्त 2025 को बिजली नेटवर्क एस्टीमेट के 2,58,477 रुपये जमा किए। इसके बाद जेई आरके चौधरी के आगे-पीछे घूमता रहा। मगर, उद्यमी को लाइन बनाकर कनेक्शन नहीं दिया गया। हालांकि, दुबग्गा के नव नियुक्त जेई नितिन चौधरी, एसडीओ संदीप वर्मा के द्वारा आवेदक की समस्या का निस्तारण कराया जा रहा है।
आवेदक योगेंद्र नाथ शुक्ला निवासी मल्हा दुबग्गा ने शनिवार को बताया कि पांच किलोवाट के कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। जब खुश हुए तब तकनीकी कर्मी राकेश पासवान सर्वे करने पहुंचे। 25 केवीए ट्रांसफार्मर व लाइन का जो एस्टीमेट बना उसे जमा कर दिया। जेई आरके चौधरी से लाइन बनाने के लिए कहा तो एक ठेकेदार को भेजा जो सर्वे करके लौट गया।
इसके बाद जब भी जेई से मिलता, तो लाइन न बनने के दो कारण बताते। उनका कहना कि स्टोर से सामान नहीं मिल रहा और आपका पड़ोसी पोल नहीं लगने दे रहा। जेई ने सुझाव दिया कि विवाद उत्पन्न कर रहे पड़ोसी की पुलिस से शिकायत करें। जबकि, पोल लगाने का कोई विरोध नहीं कर रहा। आवेदक ने बताया कि कनेक्शन स्थल पर गौशाला व कारखाना खोलने का सपना था।
दुबग्गा अमौसी जोन के जेई आरके चौधरी ने कहा कि स्टोर से सामान मिल गया है। अब लाइन बन जाएगी। योगेंद्रनाथ शुक्ला ने जो एस्टीमेट जमा किया, उसके सापेक्ष स्टोर से सामान मिल गया है। ठेकेदार ने लाइन बनाने के लिए एक पेटी ठेकेदार को नियुक्त कर रखा है। उससे लाइन बनाने को कहा था, उसने भी लापरवाही बरती। इससे कनेक्शन मिलने में देरी हुई।