बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व अन्य।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी शहरों में करीब 15 लाख पुरानी व परंपरागत स्ट्रीट लाइटों को अगले साल तक एलईडी लाइटों में बदला जाएगा। वहीं, अब तक बदली गई लाइटों से करीब 40 करोड़ किलोवॉट बिजली और लगभग 280 करोड़ रुपये की बचत हुई है। इस बदलाव से सालाना 35 करोड़ टन कार्बन डाईऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी आएगी।
मुख्यमंत्री ने यह बातें सोमवार को शास्त्री भवन में स्ट्रीट लाइट डैशबोर्ड के लोकार्पण अवसर पर कहीं। इस दौरान राजधानी और वाराणसी में लगाई गई स्ट्रीट लाइट का सांकेतिक स्विच ऑन करके जनता को समर्पित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा राष्ट्रीय स्ट्रीट लाइट कार्यक्रम के तहत पिछले सात महीने में प्रदेश के 15 नगर निगमों में 5.75 लाख स्ट्रीट लाइटों को एलईडी में बदला जा चुका है। लखनऊ और वाराणसी में बड़े पैमाने पर एलईडी लाइटें लगीं हैं। मुख्यमंत्री ने पुरानी स्ट्रीट लाइटों को पूरी तरह से हटाने के निर्देश दिए हैं।
इस मौके पर नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा लॉन्च किए गए डैशबोर्ड के माध्यम से एक ही स्विच से शहर भर की स्ट्रीट लाइटों को ऑन-आफ किया जा सकता है। इस डैशबोर्ड से पता चलेगा कि कौन सी स्ट्रीट लाइट जल रही या बंद है।
इस मौके पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, महापौर संयुक्ता भाटिया, प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, ईईएसएल के चेयरमैन राजीव शर्मा समेत तमाम अधिकारी मौजूद थे।