कक्षा 3 : कहानी-कविता को समझते हुए प्रश्न कर सकें। चित्रों व दृश्यों को देखकर उन पर वाक्य बनाकर लिख सकें। नवीन शब्दों का अर्थ जानकर उनका वाक्यों में प्रयोग कर सकें। मानवीय मूल्यों, आदर्शों, सद्वाक्यों और शिष्टाचार का उपयोग दैनिक व्यवहार में कर सकें।
कक्षा 4 : सरल वाक्य बनाने के साथ लेखन में व्याकरण संबंधी विशिष्टताओं का प्रयोग कर सकें। पिछली कक्षा की अपेक्षा अभिव्यक्ति और लेखन दोनों प्रभावी ढंग से स्पष्ट कर सकें। पाठ्य पुस्तकों के अलावा भी सामग्री का स्वाध्याय कर सकें।
कक्षा 5 : गद्य व पद्य की विधाओं को समझ सकें। अपने विचारों को समझा सकें। कवियों और लेखकों के जीवन व कृत्यों पर जानकारी प्राप्त कर सकें। बच्चों का शब्द कोश बढ़े, शब्द कोश का उपयोग कर संप्रेषण कौशल विकसित हो।
कक्षा 6 : बच्चे भाषाई कौशल में नवीन कौशल को जोड़ते हुए स्पष्ट रूप से अपनी बात कह सकें। पठित सामग्री को पढ़ और लिख सकें। दैनिक जीवन से जुड़े विषयों पर अपने विचार मौखिक और लिखित रूप से व्यक्त कर सकें।
कक्षा 7 : घटनाओं, सामाजिक मुद्दों पर विचार या अपनी सहमति या असहमति प्रकट कर सकें। लिखित या मौखिक अभिव्यक्ति, मुहावरों, लोकोक्तियों, व्याकरण का प्रयोग, कठिन शब्दों के अर्थ एवं प्रयोग करने की क्षमता हो।
कक्षा 8 : बच्चे अपने विचार, प्रतिक्रिया, तर्क, टिप्पणी और समीक्षा करने में सक्षम हों। नए शब्दों की खोज और उनका उपयोग कर सकें। अपनी कल्पना और रुचि के अनुरूप कविता, निबंध, कहानी के सूक्ष्म बिंदुओं को खोजकर तथ्यों की व्याख्या लिखित रूप में कर सकें और नव सृजन के लिए प्रेरित हों।