शहर के विवेकनगर मोहल्ले में पाइप लाइन की लीकेज दुरुस्त करने के लिए खोदा गया गड्ढा।
सुल्तानपुर। अमृत योजना के अंतर्गत जल निगम ने शहर में जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाई है। बगैर टेस्टिंग के ही पाइपों को जोड़कर फाइनल टच दे दिया गया। इस वजह से करीब 10 हजार परिवारों को अभी भी निर्बाध जलापूर्ति नहीं मिल पा रही है। नगर पालिका की ओर से इसकी व्यवस्था के लिए अब पाइपों की टेस्टिंग की जा रही है। पानी की सप्लाई करने पर जगह-जगह पाइप लाइन में लीकेज मिल रहा है। इसके चलते अभी भी नई लाइन से जलापूर्ति करने में समस्या आ रही है।
वर्ष 2019 में जल निगम ने 38 करोड़ रुपये की लागत से अमृत योजना के तहत शहर में पाइप लाइन के विस्तार का काम शुरू कराया था। उस दौरान नई पाइप लाइन बिछाने के बाद 10 हजार नए कनेक्शन दिए गए। अभी अधिकांश स्थानों पर नए कनेक्शन धारकों को निर्बाध जलापूर्ति नहीं मिल पा रही है। पेयजल की समस्या को देखते हुए नगर पालिका की ओर से चार नए नलकूपों की स्थापना कराई गई।
विवेकनगर, जलकल परिसर, ऑफिसर्स कॉलोनी व रामलीला मैदान में 20 हाॅर्सपावर के चार नए नलकूप लगवाए गए हैं। कुछ क्षेेत्रों में 20 मिनी सबमर्सिबल पंप की स्थापना की गई है। इसके अतिरिक्त छह स्थानों पर नए मिनी सबमर्सिबल पंप लगवाए जा चुके हैं। नलकूप व सबमर्सिबल पंप के माध्यम से नगर पालिका ने बंद पड़ी वाटर सप्लाई लाइन की टेस्टिंग का कार्य शुरू करवाया है। पानी की सप्लाई होते ही जगह-जगह लीकेज की समस्या आ रही है।
इसे दूर करने के लिए जगह-जगह गड्ढे खोदकर नए सिरे से पाइप लाइन को दुरुस्त किया जा रहा है। इस वजह से अमृत योजना के नए कनेक्शन धारकों को निर्बाध जलापूर्ति मिलने में समय लग सकता है। नगर पालिका के ईओ लाल चंद्र सरोज ने बताया कि जल निगम की ओर से अभी नई जलापूर्ति व्यवस्था को हस्तांरित नहीं किया गया है। उनकी बिछाई गई पाइप लाइन की लीकेज को दुरुस्त करने के लिए जलकल की टीम निरंतर काम कर रही है। शहर में पाइपों के लीकेज को दुरुस्त करने में करीब दो माह का समय लग सकता है।