सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बेरोजगारों को रोजगार देने के मुद्दे पर शुक्रवार को विधानसभा में हो रही चर्चा एक-दूसरे को चोर, भ्रष्ट और आतंकी कहने तक पहुंच गई। सपा के हाजी इरफान सोलंकी के सवाल के जवाब में श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश में रोजगार मेलों के जरिए 2.82 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
सेवायोजन विभाग के जरिए सपा शासन के पांच वर्ष में 1.80 लाख लोगों को रोजगार दिया गया था, जबकि योगी सरकार के तीन वर्ष में 2 लाख 93 हजार 741 लोगों को रोजगार दिलाया गया है। सरकार ने जैम पोर्टल से सरकारी विभागों में संविदा पर कर्मचारी रखने की व्यवस्था लागू की है ताकि श्रमिकों को पूरा मानदेय, पीएफ आदि मिले।
यह सपा शासन नहीं, जहां भर्तियों में भ्रष्टाचार हो। इससे खफा नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि सत्ता के लिए चोला बदलने वाले लोग ही भ्रष्ट होते हैं, भ्रष्ट ही बार-बार पार्टी बदलता है। सपा शासन में एक भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा, न ही कोई साबित कर पाया। उन्होंने मौर्य पर कटाक्ष करते हुए कहा कि चोर को चोर और ईमानदार को ईमानदार नजर आते हैं। इसलिए मंत्री को सब चोर दिख रहे हैं।
भ्रष्टाचार से बड़ा कृत्य था आतंकियों को छोड़ना : खन्ना
सुरेश खन्ना
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संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने श्रम मंत्री की पैरवी करते हुए कहा कि सपा सरकार में भ्रष्टाचार से बड़ा कृत्य था आतंकियों को रिहा करना। 15 मार्च 2012 को सपा की सरकार बनी थी। 28 मार्च 2012 को सभी डीएम से जेलों में बंद आतंकियों को रिहा करने की रिपोर्ट मांग ली गई। उस समय उच्च न्यायालय ने सरकार के खिलाफ सख्त टिप्पणी की थी। सपा शासन में लोक सेवा आयोग का भ्रष्टाचार कोई नहीं भूल सकता है।
...तो आप भी आतंकवादी हैं
रामगोविंद
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खन्ना की टिप्पणी से नाराज रामगोविंद ने कहा कि आप (संसदीय कार्य मंत्री) भी आतंकी हैं। दिल्ली सहित देश के अन्य इलाकों में आतंक ही फैलाया जा रहा है। भाजपा सरकार में दो वर्ष में बीज घोटाला, कंबल घोटाला सहित एक दर्जन से अधिक घोटाले हुए हैं। विपक्ष की संख्या भले कम हो, लेकिन विपक्ष कमजोर नहीं है कि किसी भी तरह की बात को सहन करेगा।