इंटीग्रेटेड टाउनशिप का विकास शुरू नहीं करने पर एलडीए ने कार्रवाई शुरू कर दी है। शिप्रा एस्टेट को 48 घंटे का अंतिम समय पूरा होने के बाद वीसी अभिषेक प्रकाश ने एलडीए में बंधक जमीन का 10 प्रतिशत जब्त करने का आदेश कर दिया है।
वहीं, तुलसियानी बिल्डर की जमीनों की जांच अर्जन विभाग करेगा। रोहतास समूह की इंडस टाउन प्लानर्स की टाउनशिप के प्रतिनिधियों के सुनवाई में नहीं आने की वजह से कोई फैसला नहीं हो सका है।
वीसी ने बताया कि 17 फरवरी को तीनों बिल्डर्स को सुनवाई का मौका दिया गया था। इसमें शनिवार तक शिप्रा और सोमवार तक तुलसियानी ने जमीनों के दस्तावेज देने के लिए मांगा था।
इसके बाद भी दस्तावेज नहीं दिए गए तो शिप्रा की जमीन जब्त करने का आदेश कर दिया गया है। एलडीए का नियोजन विभाग और हाइटेक-इंटीग्रेटेड सेल यह कार्रवाई कराएगी।
वहीं, तुलसियानी ने जमीनों के दस्तावेज दिए हैं। इनकी जांच और स्थलीय सत्यापन एलडीए का अर्जन विभाग कर रिपोर्ट देगा। शिप्रा के पास सीजी सिटी से सटी जमीनों का लाइसेंस है। तुलसियानी को भी सुल्तानपुर रोड पर ही प्रोजेक्ट शुरू करना है।
13 एकड़ जमीन एलडीए में बंधक
एलडीए के अधिकारियों का कहना है कि करीब 13 एकड़ जमीन बंधक है। इसका 10 प्रतिशत यानी 1.3 एकड़ जमीन एलडीए जब्त कर लेगा। पूर्व में दिए गए लाइसेंस को भी निरस्त करने की कार्रवाई एलडीए कर सकता है। इसके बाद इंटीग्रेटेड टाउनशिप की जमीन दूसरे बिल्डर के जरिए विकास किए जाने के लिए स्वतंत्र होगी। शिप्रा ने अपनी जमीनों में बदलाव किया है। ऐसे में उसे नया लाइसेंस एलडीए से स्वीकृत कराना है।
किसके पास कितनी जमीन
बिल्डर कंपनी प्रस्तावित क्षेत्र जमीन खरीदी
एंडस टाउन प्लानर्स 139 एकड़ 56 एकड़
शिप्रा एस्टेट 372 एकड़ 130 एकड़
तुलसियानी 60 एकड़ 16 एकड़