एलडीए ने शहर में अवैध निर्माण रोकने के लिए जोनल सिस्टम खत्म कर दिया है। जोनल सिस्टम की जगह प्रवर्तन अनुभाग को यह काम सौंपा गया है।
इसी के हिसाब से शहर को दो हिस्सों में बांटा गया है। प्रवर्तन और बिल्डिंग बॉयलॉज के अनुपालन को नियंत्रित करने के लिए दो अधिशासी अभियंताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अष्टभुजा प्रसाद तिवारी ने अभियंताओं के कार्यक्षेत्र में बदलाव का आदेश जारी कर दिया है।
उपाध्यक्ष के आदेश के मुताबिक अधिशासी अभियंता संजीत सिन्हा को जोन 5 और 4, अधिशासी अभियंता डीसी श्रीवास्तव जोन 1 और 2, डीसी यादव को जोन 12, 13, दुर्गेश श्रीवास्तव जोन 11 और सोपान इंक्लेव स्कीम, अधिशासी अभियंता डीसी सचान को जोन 8 और अलीगंज का विवादित सीएस अपार्टमेंट, मनीष सिंह को जोन 6, कानपुर रोड के अलावा अधिशासी अभियंता तकनीकी की जिम्मेदारी दी गई है।
अधिशासी अभियंता ओपी मिश्र को जोन 2 और 3 का का काम दिया गया है जबकि अधिशासी अभियंता पीसी पांडेय को जोन नौ और चक गंजरिया परियोजना।
दो अधिशासी अभियंता के जिम्मे अवैध निर्माण संपूर्ण ट्रांसगोमती का प्रवर्तन अधिशासी अभियंता डीसी श्रीवास्तव को सौंपा गया है। जबकि सिस गोमती और पुराने शहर के लिए अधिशासी अभियंता एके सिंह 2 को जिम्मेदारी दी गई है।
दोनों अभियंता शहर में अवैध निर्माण रोकने के लिए नीति बनाएंगे और उसकी पूरी जिम्मेदारी इन्हीं दोनों की होगी। प्राधिकरण ने करीब पांच साल बाद अवैध निर्माण रोकने के लिए जोनल सिस्टम खत्म कर के अलग से प्रवर्तन विभाग बनाया है।