लखनऊ। देवपुर पारा आश्रयहीन आवासीय योजना के मकानों के घटिया निर्माण मामले में एलडीए संबंधित ठेकेदारों से वसूली करेगा। इसके लिए एलडीए ने ठेकेदार फर्मों के खिलाफ आरसी जारी कर दिया है। यह कार्रवाई वर्ष 2012 में जारी नोटिस के बाद भी पैसा जमा न करने पर की गई है।
एलडीए ने वर्ष 2001 में देवपुर पारा योजना लांच की थी, जिसमें 1,668 मकान बनाए गए थे, मगर तत्कालीन अफसरों व इंजीनियरों ने गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया। इससे वह जर्जर हो गए। इस मामले में ठेकेदारों से वसूली के लिए नोटिस जारी किए गए, मगर ठेकेदारों ने पैसा जमा नहीं किया। वहीं, एलडीए भी सुस्त हो गया। इस पर आपत्तियां आईं तो दोषी अधिकारियों से वसूली के आदेश हुए थे, जिस पर अब तक अमल नहीं हो सका था।
दोबारा फिर हाईकोर्ट के आदेश पर जांच हुई तो दोषी अफसरों, इंजीनियरों व ठेकेदारों से वसूली के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई। इस बीच ठेकेदार कोर्ट चले गए, मगर उन्हें राहत नहीं मिली। जिसके बाद बाद अब फिर एलडीए ने वसूली को लेकर तेजी दिखाई है।
चार ठेकेदार भरेंगे जुर्माना
जांच में 13 इंजीनियर और चार ठेकेदार फर्म दोषी पाई गई थीं, जिनसे 1.89 करोड़ रुपये की वसूली की जानी थी लेकिन बाद में इंजीनियरों को छोड़ दिया गया और वसूली सिर्फ ठेकेदारों से करने का निर्णय लिया गया। इसमें मेसर्स ज्ञान प्रकाश तिवारी को 45.93 लाख, बीरू कंन्स्ट्रक्शन को 43.39 लाख, एके वाजपेई को 51.64 लाख, एके त्रिपाठी से 48.52 लाख रुपये जमा करने का नोटिस जारी किया गया है। वहीं उस समय जब गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए थे तो अफसरों व इंजीनियरों ने वर्ष 2014 में मकानों को तोड़कर वहां समाजवादी लोहिया एन्क्लेव नाम से मल्टीस्टोरी योजना लांच की और महंगे फ्लैट बनाए। थे।
फैक्ट फाइल
योजना का क्षेत्रफल 59 बीघा
कुल 1668 मकान बनाए गए थे
1668 भवन आवंटित किए गए थे मगर कब्जा 47 ने लिया था
खाली रहने के कारण मकान जर्जर हो गए थे
उस समय मकान की कीमत करीब 18 हजार रुपये थे
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Iनोटिस के बाद भी पैसा न जमा करने पर अब भू राजस्व की तरह ठेकेदारों से वसूली करने को लेकर जिलाधिकारी के यहां आरसी भेज दी गई है।I
I- संजीव गुप्ता, अधिशासी अभियंता, एलडीएI