नगर निगमों की तर्ज पर अब विकास प्राधिकरणों ने भी बाजार में अपना बांड जारी करने का फैसला किया है। इससे शहरों में जरूरत के आधार पर आवासीय और व्यावसायिक योजनाएं शुरू करने और आधुनिक सुविधाएं देने में आडे़ आ रही आर्थिक दिक्कतों को दूर किया जा सकेगा। पहले चरण में लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर, आगरा व वाराणसी विकास प्राधिकरणों द्वारा बांड जारी करने की तैयारी है। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो एक-एक करके सभी विकास प्राधिकरण भी बांड जारी करेंगे।
प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण की अध्यक्षता में हुई बैठक में विकास प्राधिकरणों की ओर से बांड जारी करने के मुद्दे पर सहमति बन चुकी है। इसी कड़ी में लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर, आगरा व वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि पहले वे अपनी सेवाओं और योजनाओं को बेहतर करते हुए ग्रेडिंग बेहतर बनाएं। ग्रेडिंग बेहतर होने के बाद उनकी योजनाओं की तरफ लोग आकर्षित होंगे और बॉड आने पर इसे उत्साहित होकर खरीदेंगे।
बता दें कि पिछले साल लखनऊ और गाजियाबाद नगर निगम द्वारा बांड जारी किया गया था, जिसे स्टाक एक्सचेंज में भी सूचीबद्ध किया गया था। इन दोनों नगर निगमों में बाजार से काफी राशि का निवेश आया था।