लखनऊ। चारबाग से बसंतकुंज तक मेट्रो के दूसरे चरण (ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर) के लिए वित्तीय मंजूरी के बाद से काम की रफ्तार बढ़ गई है। दूसरे चरण के लिए डिपो एलडीए की बसंतकुंज योजना में बनेगा। एलडीए ने इसके लिए जमीन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। डिपो के लिए 1.80 लाख वर्ग मीटर जमीन की जरूरत होगी। इस वजह से बसंतकुंज योजना के लेआउट में भी बदलाव होगा, जिसके लिए लोगों से आपत्ति एवं सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
राजधानी में मेट्रो के दूसरे चरण के लिए वित्तीय संस्थान पब्लिक इंवेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) और कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है। बीते 12 नवंबर को दौरे पर आई यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक ने भी मेट्रो को वित्तीय मदद देने के लिए हामी भर दी है। यूरोपियन बैंक ही मेट्रो के लिए कर्ज देता है। ऐसे में अब मेट्रो निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
अब मेट्रो डिपो के लिए बसंतकुंज योजना के सेक्टर ए में जमीन चाहिए। इससे आवासीय योजना में पहले से स्वीकृत कुछ निजी प्रोजेक्ट प्रभावित हो सकते हैं। इसे देखते हुए एलडीए ने आपत्ति और सुझाव मांगे हैं। अपर सचिव ने इसके लिए दो दिन पहले सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। आपत्ति व सुझाव के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
नोटिस में कहा गया है जो आपत्तियां आएंगी, उन्हीं के आधार पर लेआउट संशोधन के दौरान विचार किया जाएगा। इस नोटिस से बसंतकुंज योजना के वे 272 आवंटी घबरा गए हैं, जिनके प्लाॅट सेक्टर ए में हैं। एलडीए अधिकारियों का कहना है कि डिपो की जमीन दूसरी जगह है। उसका आवंटित प्लाॅटों से मतलब नहीं है।
इन भूमिगत स्टेशनों के लिए भी मेट्रो ने मांगी जमीन
गौतमबुद्ध मार्ग (लाटूश रोड)
झंडेवाला पार्क अमीनाबाद
पांडेयगंज
चौक चौराहा
मेडिकल काॅलेज चौराहा
ठाकुरगंज चौराहा
इन इलाकों को होगा फायदा
चारबाग से बसंतकुंज तक मेट्रो कॉरिडोर का काम पूरा होने के बाद अमीनाबाद, चौक, ठाकुरगंज जैसे प्रमुख इलाकों के लोगों का बहुत फायदा होगा। चारबाग से बसंतकुंज तक अभी आवागमन का कोई आसान साधन नहीं है। चारबाग मेट्रो इंटरचेंज स्टेशन के तौर पर काम करेगा, जहां से यात्री दूसरे रूट पर जाने के लिए मेट्रो बदल सकेंगे।
फैक्ट फाइल
ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर का कुल रूट : 11.165 किमी
एलिवेटेड सेक्शन : 4.286 किमी
भूमिगत सेक्शन : 6.879 किमी
लागत : 5801 करोड़ रुपये